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विधानसभाः अभय चौटाला और कांग्रेस विधायक ने एक-दूसरे को मारने के लिए निकाला जूता, बोले अपशब्द

Wed, 12 Sep 2018 09:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अभय चौटाला
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हरियाणा विधानसभा की गरिमा मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को तार-तार हो गई। विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि कांग्रेस और इनेलो के दो वरिष्ठ विधायकों के बीच नौबत जूतम पैजार और मारपीट तक आ पहुंची। सदन में भारी हंगामा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक करण दलाल के हरियाणा के साथ कलंकित शब्द जोड़ने से शुरू हुआ। सत्ता पक्ष की ओर से किए जा रहे हंगामे और दलाल को निलंबित करने की मांग का नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के समर्थन करने से तल्खी ज्यादा ही बढ़ गई।
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 दलाल ने सीट पर बैठे-बैठे चौटाला को कुछ कहा और आपत्तिजनक इशारा भी किया, जिससे चौटाला गुस्सा गए। वह सीट से उठे और पांव से जूता निकालने के बाद हाथ में पकड़कर दलाल की ओर तेजी से बढ़े। इस दौरान चौटाला व दलाल ने एक-दूसरे को अपशब्द भी बोले। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दलाल भी पांव से जूता निकालकर चौटाला की ओर बढ़े। दोनों ने आपा खोते हुए एक-दूसरे पर जूते तान दिए। इनेलो विधायक भी गुस्साते हुए चौटाला के पीछे हो गए। इससे पहले की दोनों भिड़ते मार्शलों के साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व इनेलो विधायक जाकिर हुसैन ने बीच-बचाव किया। 

करण दलाल
कांग्रेस के बाकी विधायकों ने भी अप्रिय घटना होने से रोकी। बावजूद इसके एक-दूसरे को धमकियां देने का दौर चला। कलंकित शब्द बोलने से लेकर इनेलो और कांग्रेस के हंगामे के बीच चार बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के हंगामे व मांग पर करण दलाल को गलत शब्द बोलने पर विधानसभा की बैठकों से वर्तमान सत्र से लेकर एक साल तक निलंबित कर दिया गया।

ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित हुआ। इनेलो ने भी इसका समर्थन किया। हालांकि बाद में सरकार की ओर से सदन में अपशब्दों के इस्तेमाल और अशोभनीय व्यवहार को लेकर अभय चौटाला व करण दलाल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। 

इस पर इनेलो विधायकों ने वॉकआउट किया। करण दलाल के निलंबन को कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा नियमों के विपरीत ठहराते हुए उसे रद्द करने की मांग उठाई। कांग्रेस के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस निलंबन रद्द करने और इस मामले में वोटिंग कराने पर अड़ी रही, जबकि स्पीकर अपने फैसले पर कायम रहे। इससे खफा होकर कांग्रेस ने भी वॉकआउट किया।

यूं शुरू हुआ सदन में हंगामा
शून्यकाल के बाद कांग्रेस विधायक करण दलाल ने करीब 25 लाख राशन कार्ड धारकों का नाम आधार न होने पर काटने को लेकर बोलना शुरू किया। वह इस विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए थे। उन्होंने चर्चा के दौरान यह कह दिया कि भाजपा शासन में हरियाणा ऐसा कलंकित राज्य बना, जिसमें गरीबों का राशन रोक दिया गया। जबकि केंद्र सरकार का पत्र आया हुआ है कि आधार न होने की वजह से किसी भी पात्र का राशन न रोका जाए। दलाल के कलंकित शब्द को लेकर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ गुस्सा गए। 
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निजी टिप्पणियों पर लाल-पीले हुए अभय-दलाल

विधानसभा से बाहर आते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य
धनखड़ के भड़कने पर भाजपा विधायकों ने दलाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कैबिनेट मंत्री अनिल विज और संसदीय कार्य मंत्री का जिम्मा संभाल रहे कैप्टन अभिमन्यु भी धनखड़ के समर्थन में उतर आए और दलाल को निलंबित करने की मांग की। हंगामा बढ़ता देख डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने दोनों पक्षों को सीट से खड़े होकर शांत कराया। लेकिन सत्ता पक्ष नहीं माना। कैप्टन अभिमन्यु सदन में निलंबन प्रस्ताव लाए, जिसे स्पीकर कंवर पाल ने स्वीकार करते हुए ध्वनिमत से पारित करा दिया।

सदन में माहौल, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक दलाल के बीच निजी टिप्पणियों के कारण ज्यादा बिगड़ा। हरियाणा विधानसभा के इतिहास में यह पहली घटना है, जब सदन में कार्यवाही के दौरान वरिष्ठ विधायकों ने एक-दूसरे को मारने के लिए जूते हाथ में ले लिए। झगड़ा और माइक तोड़ने की घटनाएं तो पहले भी सदन में हुई हैं। कांग्रेस ने निलंबन को नियमों के विपरीत करार दिया है। कांग्रेसी निलंबन पर वोटिंग की मांग करते रहे, स्पीकर के फैसला न बदलने पर आखिर में कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।

निलंबन के खिलाफ जाऊंगा कोर्ट : दलाल
कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने कहा कि सदन से उनका निलंबन स्पीकर व सरकार ने नियमों के विपरीत किया है। वह इसे कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने हरियाणा को कलंकित नहीं कहा, बल्कि सरकार ने कलंकित करने का काम किया, यह बोला था। कलंकित शब्द असंवैधानिक है, स्पीकर इस पर अपनी रूलिंग नहीं दे पाए। सरकार के दबाव और विपक्ष की मिलीभगत के कारण उन्हें निलंबित किया गया। चूंकि, वह मुखर होकर जनहित के मुद्दे उठा रहे थे।
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