चंडीगढ़। नगर निगम भले दावा करे कि कजौली वाटर वर्क्स से आरओ जैसा पानी दिया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि इस पानी को पीना तो दूर नहाना भी मुश्किल है। लोगों का कहना है कि पानी में मिट्टी ही नहीं दुर्गंध भी आती है। नगर निगम में शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। 24 घंटे नहीं, जितनी भी देर पानी मिले, कम से कम साफ व दुर्गंधरहित मिले।
पानी के दाम बढ़ाकर शहरवासियों पर बोझ तो लाद दिया गया लेकिन साफ पानी नहीं मिलने से लोगों का दर्द बढ़ गया है। लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर निगम दफ्तर तक शिकायत दर्ज कराई लेकिन असर नहीं दिखा। शिकायतों पर निगम का स्पष्ट जवाब होता है कि पाइप लाइनें पुरानी हैं, इस कारण कभी-कभी गंदा पानी आ जाता है। अभी मानसून सीजन में तो गंदा पानी आना स्वभाविक है, थोड़ी देर बाद पानी साफ हो जाता है जबकि लोगों का कहना है कि जेब पर बोझ बढ़ा दिया तो पाइप लाइनों की मरम्मत क्यों नहीं हो रही। सेक्टर-39 स्थित निगम की लैब में पानी की जांच का दावा किया जा रहा है तो मिट्टी वाला पानी क्यों आ रहा है।
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लो प्रेशर से आ रहा पानी, अधिकारी बोले- कुछ दिन से समस्या
लोगों ने बताया कि निगम दावा करता है कि हम 9 घंटे पानी देते हैं। सुबह के समय लगभग आधे से एक घंटे तक पाइप में सिर्फ हवा का प्रेशर होता है। उसके बाद पानी आ भी जाए तो स्थिति यह है कि पहली मंजिल पर पानी नहीं चढ़ता। टंकी न भरने से लोगों को नीचे के तल पर ही बर्तन और टंकियों में पानी भरकर रखना होता है। निगम के अधिकारियों से शिकायत करने पर वह जांच के लिए आते हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। वहीं, अधिकारी कहते हैं जिन लोगों ने मोटर लगाया है उनके यहां प्रेशर की कोई समस्या नहीं है। वहीं, लोगों का कहना है कि मोटर लगाने वालों पर निगम कार्रवाई क्यों नहीं करता।
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तीन गांवों में जल्द पेयजल आपूर्ति का दावा
निगम का दावा है कि तीन गांवों खुड्डा लाहौरा, खुड्डा जस्सू, सारंगपुर में प्रशासन ने पाइपलाइन डाल दी है। यहां अब जल्द नहरी पानी की सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी। यहां के लोगों को भी पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। अभी पाइप लाइनों में पानी का कनेक्शन नहीं हुआ है, जल्द निगम यहां समस्या के समाधान का दावा कर रहा है।
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यहां है सबसे ज्यादा समस्या
दक्षिणी सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की समस्या सबसे ज्यादा है, वहीं लो प्रेशर की समस्या ज्यादातर सेक्टरों में है। वैसे सेक्टर-40, 34, 20, 18, 8, 26, 45, मौली कांप्लेक्स, खुड्डा अलीशेर, मनीमाजरा के कुछ क्षेत्र, खुड्डा जस्सू के लोगों ने सबसे ज्यादा समस्या बताई।
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पेयजल आपूर्ति एक नजर में
- सुबह 3 बजे से 9 बजे तक
- शाम साढ़े 5 बजे से 9 बजे तक
- वर्तमान में शहर में पानी की खपत 87 एमजीडी
- कजौली वाटर वर्क्स से शहर को मिलता है 67 एमजीडी पानी
- 250 ट्यूबवेलों से मिलता है 20 एमजीडी पानी
बातचीत (फोटो नीरज जी के ट्रैक से)
पानी की सही ढंग से आपूर्ति करे निगम
कई सेक्टरों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। पानी के रेट तो बढ़ा दिए गए लेकिन सुविधा बेहतर नहीं हुई। सहूलियत नहीं दे सकते तो पानी का रेट कम कर दीजिए। नगर निगम इस समस्या का समाधान करे। शहर के लोग बहुत परेशान हैं।
- हितेश पुरी, चेयरमैन, क्राफ्ड
आखिर हमारा बजट कहां जा रहा है
पानी कब आएगा किसी को पता नहीं होता। पहली और दूसरी मंजिल पर पानी चढ़ता ही नहीं। नगर निगम के अधिकारी इस बात को समझें। लीकेज की समस्या गंभीर है। नगर निगम के अधिकारियों को पता ही नहीं है कि कौन सी पाइप कहां पर है। आखिर बजट कहां जा रहा है।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉसवेक
रोजाना झेलते हैं पानी की किल्लत
सेक्टर के लोगों को हर रोज पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। पहली और दूसरी मंजिल पर पानी का प्रेशर बहुत ही कम होता है। इससे जेब पर खर्च बढ़ गया है। पानी के रेट तो बढ़ा दिए, लेकिन सुविधा पहले से भी खराब गई है, अब यह समस्या किसको बताएं।
- वीएन शर्मा, चेयरमैन, प्रोग्रेसिव रेजिडेंट्स एसोसिएशन सेक्टर-40 डी
पानी की दरें आम आदमी की पहुंच से बाहर
चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम द्वारा पानी की दरों में इतनी अधिक बढ़ोतरी कर दी है कि बिल अदा करना निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मुसीबत बन गया है। ऊपर से 30 प्रतिशत सीवर सेस लगाना भी सरासर गलत है। सरकार को चाहिए कि लोगों की सुविधा दे न कि घाटा पूरा करने के लिए सिर्फ रुपये बढ़ाए।
- पंकज गुप्ता, प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर 38 वेस्ट चंडीगढ़
पानी आने और जाने का कोई समय नहीं है
पानी कब आएगा और कब जाएगा यह निश्चित नहीं है। जलापूर्ति को बेहतर बनाने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। लोगों को इससे काफी परेशानी हो रही है। चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम इस बात पर ध्यान दे कि लो प्रेशर खत्म करे। पानी की लीकेज को ठीक करे और समय पर शुद्ध जलापूर्ति हो।
- प्रदीप चोपड़ा, सचिव सिटीजंस एसोसिएशन सेक्टर 21
लीकेज के कारण पानी की बर्बादी और गंदे पानी की समस्या
नगर निगम शहर के पाइप लाइनों की लीकेज पर काम कर ले तो काफी समस्या कम हो जाएगी। इससे एक ओर बर्बादी रुकेगी और दूसरी ओर सप्लाई के साथ गंदा पानी जाने से बचेगा। सुबह जब लोगों को गंदा पानी मिलता है तो बढ़े हुए पानी के दाम भी अखरते हैं।
- आरके गर्ग, अध्यक्ष, सेकेंड इनिंग एसोसिएशन
पानी के लो प्रेशर से काफी परेशानी (फोटो विक्रम सिंह के ट्रैक से)
पानी का प्रेशर काफी धीमी गति से आता है। इसके अलावा इस समय तो काफी गंदा पानी आ रहा है। समय की बात करें तो लगभग एक से डेढ़ घंटे ही पानी मिल पाता है। अब इस व्यवस्था के साथ निगम बेहतर पेयजल आपूर्ति का दावा करे तो हास्यास्पद ही है।
- अभिषेक शर्मा, निवासी सेक्टर-49
कोट-
शहर में गंदे पानी और लो प्रेशर से पानी की समस्या है। बारिश के बाद तत्काल पाइप लाइनों की मरम्मत और सड़कों के निर्माण का काम शुरू कराएंगे क्योंकि लीकेज के कारण लोगों के यहां गंदा पानी पहुंच जाता है। वहीं सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति योजना जल्द शहर में शुरू हो जाएगी। उसके बाद वर्षों से आ रही इस समस्या से हमेशा के लिए निदान मिलेगा। पाइपों में जब 24 घंटे पानी आएगा जो मिट्टी जमने की समस्या भी नहीं होगी।
- सरबजीत कौर, मेयर