चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में आए दिन छात्र संगठनों से लेकर कर्मचारी यूनियनें व अन्य संगठनों की ओर से होने वाले धरने-प्रदर्शन को लेकर जिला अदालत में सिविल केस दाखिल किया गया है। पीयू ने नैक दौरे को देखते हुए अदालत में केस को दायर किया है। यूनिवर्सिटी के 30 संगठनों को पार्टी बनाते हुए दायर की गई याचिका में वाइस चांसलर के दफ्तर के बाहर होने वाले धरने-प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका पर अदालत में सुनवाई के बाद सभी संगठनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।पीयू प्रशासन का कहना है कि धरना-प्रदर्शन करने के लिए बकायदा जगह तय कर रखी गई है। इसके बावजूद कुलपति कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन ठीक नहीं है। ऐसा करने वाले संगठनों को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से कदम उठाते हुए अदालत में केस दायर किया गया है।
इन संगठनों को बनाया गया पार्टी
जिन संगठनों के खिलाफ केस दायर हुआ है, उनमें पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन, एबीवीपी, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, पुसू, सोपू, एनएसयूआई, सोई, एनएसओ, यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया व अंबेडकर, इनसो, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स यूनियन, हरियाणा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, हिमाचल स्टूडेंट्स एसोसिएशन, एचपीएसए, स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी, फील्ड वर्कर्स यूनियन, पंजाब यूनिवर्सिटी स्टाफ एसोसिएशन, लैबोरेट्री एंड टेक्निकल एसोसिएशन, प्रेस वर्कर्स यूनियन, स्टेनोग्राफर्स एसोसिएशन, ड्राइवर्स यूनियन, क्लास-सी स्टाफ एसोसिएशन, लाइब्रेरी स्टाफ एसोसिएशन आदि शामिल हैं।