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टैक्स लगाने का ग्रामीण कर रहे हैं विरोध

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यूटी प्रशासन द्वारा नगर निगम में शामिल किए गए 12 ग्राम पंचायतों के सभी 13 गांवों की कामर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल जमीन और इमारतों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के आदेश का गांव के लोगों ने विरोध किया है। गांवों के लोगों का कहना है कि यह हमारे साथ धोखा है। गांव में विकास के लिए एक भी ईंट नहीं लगाई, लेकिन टैक्स पहले लेने की बात प्रशासन सोच रहा है।
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पिछले साल नवंबर में 13 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। इनमें किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं।
प्रशासन ने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए नगर निगम को आदेश जारी किया है कि वह अगले वर्ष से इन सभी गांवों में ग्रुप फोर जोन सी के तहत प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करे। इससे ग्रामीण नाराज हैं।
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यह कहना है गांव के लोगों का
गांव के साथ धक्का हुआ है
प्रशासन ने गांव के लोगों के साथ धक्का किया है। यह बहुत गंभीर मामला है। प्रशासन गांव के लोगों को परेशान करने पर लगा है। सड़कें खराब हैं। सीवर सिस्टम बेकार है, लेकिन इन्हें टैक्स चाहिए। जल्द ही गवर्नर से मिलकर इसे निरस्त करवाने की कोशिश करेंगे।
- हुकम चंद, पूर्व सरपंच गांव खुड्डाअलीशेर
टैक्स लगाने का विरोध होगा
गांवों की कामर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल जमीन और इमारतों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के आदेश देना गांव के लोगों के साथ सरासर अन्याय है। सड़कें बनी नहीं। सीवर की लाइन को ठीक किया नहीं। फिर भी टैक्स चाहिए। यह किससे पूछ कर किया। इसका विरोध जताएंगे।
- रामबीर भट्टी, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी चंडीगढ़ निवासी गांव रायपुरकलां
विकास की बाट जोह रहे हैं और लगा दिया टैक्स
गांव के लोग विकास का बाट जोह रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने टैक्स थोप दिया है। यह गांव के लोगों के साथ सरासर धोखा है। यहां पर तो नगर निगम का चुनाव भी नहीं हुआ है। हमारा कोई प्रतिनिधि भी नहीं है। विकास के काम होते तो टैक्स की सोच सकते थे।
- राकेश शर्मा, पूर्व सरपंच गांव खुड्डा लाहौरा
पानी और सीवर का कनेक्शन लेना मुश्किल
हमें सीवर और पानी का कनेक्शन लेना मुश्किल है, लेकिन टैक्स लगा दिया गया है। प्रशासन ने हमारे साथ बहुत धोखा किया है। रोजगार चलना मुश्किल है। गांव के किसान परेशान हैं, लेकिन प्रशासन को टैक्स चाहिए। लोग कहां से देंगे। यह तो हमें उजाड़ने की बात है।
- रंजीत सिंह, निवासी गांव खुड्डालाहौरा
अधिकारी बताएं क्या काम किया है जो टैक्स लेंगे
एक वर्ष पहले 12 ग्राम पंचायतों के 12 गांवों को नगर निगम में शामिल किया। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी बताएं कि अब तक गांव की ओर किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया। अब क्यों प्रॉपर्टी टैक्ट लगा दिया। हमारी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है।
- दलीप कुमार, निवासी गांव कैंबवाला
टैक्स लगाना गांव के लोगों के साथ नाइंसाफी है
गांव का एक भी आदमी इस काम को ठीक नहीं कह रहा है। एक वर्ष हो गया नगर निगम में गांव को गए। इतनी समस्याएं गांव के लोग झेल रहे हैं कोई पूछने नहीं आया। अब टैक्स लगा दिया। यह सरासर गलत है। एक भी काम गांव का नहीं हुआ।
- जीत सिंह, पूर्व डायरेक्टर मार्केट कमेटी चंडीगढ़
हम टैक्स लगाने का विरोध करेंगे
गांव के लोग टैक्स लगाने का विरोध कर रहे हैं। गांव का बुरा हाल है। न सड़कें हैं, न ही सफाई की सही व्यवस्था है। सड़कों का हाल बदहाल है। यह गांव के लोगों के साथ प्रशासन का धोखा है।
- गुरप्रीत सिंह हैप्पी, पूर्व सरपंच गांव दड़वा
राज्यपाल से समय मांगेंगे
गांव के लोगों के साथ प्रशासन ने धक्का और धोखा किया है। नगर निगम ने गांवों के विकास के लिए एक भी काम नहीं किया है। गवर्नर से समय मांगेंगे और जो टैक्स गांव के लोगों के ऊपर थोपा गया है उसे हटाने की मांग करेंगे। यह तो हमारे साथ विश्वासघात है।
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- कुलजीत सिंह संधू, पूर्व सरपंच गांव धनास।
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