कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई न जमा करने के मामले में शगुन इंटर प्राइजेज को नगर निगम ने सोमवार को शोकॉज नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही दो दिन में जवाब मांगा है। पहले दिए जवाब में कंपनी ने कहा था कि उनके विभाग से गलती हो गई थी। जवाब से संतुष्ट न होने पर निगम कमिश्नर केके यादव ने कंपनी को शोकाज नोटिस जारी कर दिया है।
कमिश्नर ने बताया कि अगस्त माह में कंपनी की ओर से किया गया फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसके लिए कंपनी को पहले 10 दिन में जवाब देने को कहा था। कंपनी की ओर से कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया। एक कर्मचारी को दस्तावेजों के साथ भेजा गया था। कमिश्नर ने उसे लौटा दिया और कंपनी के अधिकारियों के न आने पर ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी दी। कंपनी के अधिकारियों ने जवाब दिया कि कंपनी के कर्मचारी से चालान भरने में गलती हो गई थी। इससे दो लोगों के ईएसआई पर एक ही चालान नंबर दे दिया गया। हालांकि कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के नोटिस के बावजूद कंपनी ने देरी से ईएसआई जमा किया। अब कंपनी को कांट्रैक्ट के अनुसार शोकॉज नोटिस जारी कर अंतिम जवाब मांगा है। दो दिन में जवाब न आने पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई होगी।
यह था मामला
वर्ष 2018 में शगुन इंटरप्राइजेज कंपनी से आउटसोर्स में 105 कर्मचारी रखने को कहा गया था। यह कर्मचारी सब डिवीजन नंबर 3 और 6 में तैनात होने थे। यह अनुबंध एक साल के लिए दो करोड़ दो लाख 52 हजार 683 रुपये में हुआ था। इसमें माली, हेड माली, चौकीदार और चपरासी की पोस्ट पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी थी। कंपनी ने कुछ दिन तो कर्मचारियों का ईपीएफ जमा किया, उसके बाद कर्मचारियों का ईपीएफ जमा करना बंद कर दिया। निगम के नोटिस के बाद कंपनी ने चालान में भी फर्जीवाड़ा कर कुछ कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआई जमा कराया। उसके बाद कंपनी के कर्मचारियों की गलती बता दी। कंपनी ने जनवरी 2019 और अप्रैल 2019 के ईएसआई चालान भी जमा नहीं किए थे।
जवाब नहीं दे सकी थी कंपनी
कई बार नोटिस के बावजूद कंपनी जवाब नहीं दे सकी थी। चीफ अकाउंट आफिसर से मामले में जांच करवाई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को शोकाज नोटिस जारी किया है। -केके यादव, निगम कमिश्नर