सीएचबी के मकानों में नीड बेस्ड चेंजेज की मांग को लेकर रविवार को मातृ शक्ति 8 घंटे भूख हड़ताल पर बैठी रही। महिलाओं ने भूख हड़ताल कर सीएचबी की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द ही मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी।
सीएचबी रेजिडेंट फेडरेशन के नेतृत्व में सेक्टर-29, 39, 45, 44, 41, 40 और धनास में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 24 महिलाएं सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठी रहीं। महिलाओं और आंदोलनरत फेडरेशन के लोगों ने कहा कि आए दिन सीएचबी के द्वारा वॉयलेशन और मिसयूज के नाम पर लोगों का शोषण किया जा रहा है। लोगों को अपने मकानों में जरूरत के अनुसार थोड़ा बदलाव की अनुमति मिलनी चाहिए।
इसी मांग को लेकर मातृ शक्ति सड़कों पर उतरी है। यदि उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तो वह आंदोलन को और उग्र रूप देने को विवश हो जाएंगी। भूख हड़ताल पर बैठने वाली महिलाओं में सुबीना बंसल, शिप्रा बंसल, कल्पना दास, अनीता चौधरी, मोनिका बंसल आदि शामिल रहीं। धरने में फेडरेेशन के प्रधान निर्मल दत्त, दावेश मौदगिल, कंवर राणा, रविंदर कौर गुजराल, हरदीप सिंह, गुरबख्श रावत, शेलफूल सिंह आदि उपस्थित थे।
आंदोलन की यह रहेगी रणनीति
सीएचबी रेजिडेंट फेडरेशन के सदस्यों ने बताया कि मांग को लेकर धरने के दौरान रणनीति पर भी विचार किया। आने वाले रविवार के आंदोलन के लिए सप्ताह भर लोगों का समर्थन जुटाया जाएगा। 8 दिसंबर को शहर के पार्षद स्थानीय लोगों के साथ उपवास पर बैठेंगे। इसके बाद सभी सेक्टरों में रैलियां निकाली जाएंगी और अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।
वन टाइम सेटलमेंट है समाधान
चंडीगढ़। वन टाइम सेटलमेंट से शहर के 20 से 25 हजार लोगों को राहत मिलेगी। नीड बेस्ड चेंजेज के संबंध में यह मांग सेक्टर 45-सी में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान कमल शर्मा ने कही। यहां भी अपनी मांगों को लेकर दर्जनों महिलाएं भूख हड़ताल पर रहीं। धरने में शारदा, बेबी ठाकुर, जगजीत कौर, परमजीत कौर, सर्वजीत कौर, सरिता चुटानी, नरेश, अनीता पाहवा, रीटा, अंजना मित्तल आदि प्रमुख रूप से शामिल हुईं।
अवैध निर्माण पर जताई चिंता
चंडीगढ़। सीएचबी की गलत नीतियों के खिलाफ रविवार को पूरे दिन आंदोलन का दौर जारी रहा। सेक्टर 41-सी में भी सीएचबी के खिलाफ ग्राउंड फ्लोर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने एक बैठक में अपर फ्लोर रेजिडेंट के द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर चिंता प्रकट की गई। साथ ही अवैध निर्माण को खतरनाक भी बताया गया।