चंडीगढ़। सेक्टर-36 स्थित पीपल्स कन्वेंशन सेंटर में रविवार को फॉसवेक की मासिक बैठक हुई, जिसमें शहर की सड़कों, कानून व्यवस्था, अवैध वेंडिंग, वायु गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं को लेकर तीखी नाराजगी जताई गई। बैठक में 64 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधि शामिल हुए।
फॉसवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि नगर निगम सड़कों की मरम्मत और रखरखाव में पूरी तरह विफल है। शहर की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों के आदेशों के बावजूद अवैध वेंडरों को हटाने में निगम नाकाम है और यह अधिकारियों के संरक्षण का संकेत देता है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर भी निवासियों को परेशान करने का आरोप लगाया गया।
उपाध्यक्ष केएल अग्रवाल ने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील हैं और आरडब्ल्यूए के आवेदनों का कोई जवाब नहीं देते। महासचिव जेएस गोगिया ने बिगड़ती वायु गुणवत्ता में सुधार की जरूरत बताई।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-39 के अध्यक्ष अमरदीप सिंह ने जल आपूर्ति बूस्टर पंपों की खराब हालत और सुरक्षा व्यवस्था न होने पर स्वास्थ्य संकट की आशंका जताई। कमलजीत सिंह पंछी ने हिस्सेदारी के आधार पर संपत्ति बिक्री को शहरवासियों के लिए बड़ी समस्या बताई। आरडब्ल्यूए सेक्टर-13 के कर्नल गुरसेवक सिंह ने सीसीटीवी कैमरों की खराब प्लानिंग पर सवाल उठाए, जबकि सेक्टर-15 के अध्यक्ष रविकांत शर्मा ने लावारिस कुत्तों के साथ बंदरों के बढ़ते आतंक की समस्या रखी। बैठक में प्रदीप चोपड़ा, हरिंदर सिंह, रणजीत सिंह, वीके निर्मल और पंकज गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए।