धनास लेक में शहर का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट
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शहर का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट धनास लेक में पानी के अंदर इन्स्टॉल कर दिया गया है। यह दस किलोवॉट का है। पानी के अंदर सोलर प्लांट बहुत ही खूबसूरत दिख रहा है। इससे धनास लेक की सुंदरता भी बढ़ गई है। इससे बनने वाली बिजली से फाउंटेन चलाया जाएगा। लेक में फाउंटेन भी लगाया जाना है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
यह पहली बार है, जब चंडीगढ़ में पानी के अंदर सोलर प्लांट लगाया गया हो। चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के सीईओ संतोष कुमार ने बताया है कि इस प्रोजेक्ट को पायलट बेस पर लगाया जा रहा है। अगर कामयाबी मिली है तो दूसरी पानी वाली जगह में इस तरह के प्रयोग किए जाएंगे।
इसलिए किया प्रयोग
पिछले साल लेक पर कई मछलियां मर गईं थीं। जब जांच हुई तो पता चला कि लेक के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। इस वजह से मछलियों की मौत हुई। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि अगर मछलियों को बचाना है तो ऑक्सीजन का स्तर सही रखना होगा। उसका लेवल ठीक रखने के लिए फाउंटेन लगाना होगा। फाउंटेन से पानी का आक्सीजन स्तर ठीक रहेगा। इससे मछलियों को मरने से बचाया जा सकेगा।
लेक की सुंदरता भी बढ़ेगी
स्थानीय लोग कई बार लेक की सुंदरता पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से सुखना लेक को विकसित किया गया है, उसी तर्ज पर धनास लेक को विकसित किया जा सकता है। प्रशासन ने अब इसमें फाउंटेन लगाया का फैसला लिया है, जो सुंदरता का केंद्र भी बनेगा।