नंदिनी ने फुटबॉल के खेल में अपना कॅरिअर गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-22 से किया। यहां कोच भूपिंदर सिंह ने नंदिनी के कद को देखते हुए उन्हें गोलकीपर की ट्रेनिंग देनी शुरू की लेकिन जिस तरह से वह मैदान पर खेलती थीं, उसे देख उन्हें स्ट्राइकर की भूमिका के लिए तैयार करना शुरू किया। इसके बाद नंदिनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। नंदिनी के पिता विजय कुमार सेक्टर-17 के उद्योग भवन में चपरासी हैं, जबकि मां भारती प्राइवेट काम करती हैं। नंदिनी का बड़ा भाई फुटबॉल खेलता था, जिसे देखकर इसका सुझाव भी फुटबॉल की तरफ हुआ। नंदिनी का कद 5.9 फीट है, किसी जानकर ने उनकी हाइट देखकर उन्हें फुटबॉल खेलने की सलाह दी थी।
अंडर-15 लीग में की बंगलुरू फुटबॉल क्लब की कप्तानी :
चंडीगढ़ फुटबॉल लीग अंडर-13 में नंदिनी बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गई थीं। इसके बाद कर्नाटक महिला अंडर-15 फुटबॉल लीग में खेलने का मौका मिला। इसमें नंदिनी को बंगलुरू फुटबॉल क्लब की कप्तानी सौंपी गई। कप्तानी करते हुए पहले ही मुकाबले में जीआरके गर्ल्स फुटबॉल क्लब के खिलाफ हैट्रिक लगाकर नंदिनी ने मैच जीत लिया था।
बेहतर खिलाड़ी है नंदिनी :
कोच भूपिंदर सिंह ने बताया कि इस सीजन के लिए नंदिनी को अभी 50 हजार रुपये ही मिलेंगे। अगले सीजन में एक लाख रुपये और और तीसरे सीजन में 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। ओडिशा एफसी ने अभी तीन वर्ष के लिए इस खिलाड़ी के अनुबंध किया है। कोच ने बताया यह शहर के लिए गर्व की बात है कि इतने बेहतर फुटबॉल क्लब ने इस खिलाड़ी को अपनी टीम में जगह दी है।