शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संसद में बहुमत से पास हुए कानून का विरोध कैसे कर सकते हैं। कमलनाथ भोपाल में कानून के खिलाफ शांति मार्च निकाल रहे हैं। संवैधानिक के पद पर बैठकर वह संविधान को नहीं मान रहे हैं।
अगर विरोध करना ही है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर भ्रम फैलाया जा रहा है। यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि विपक्ष नरेंद्र मोदी से मैदान पर लड़ाई नहीं कर सकता है।
5 जनवरी तक भाजपा चलाएगी जन जागरण अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए भाजपा 5 जनवरी तक देशभर में जनसभाएं और रैली आयोजित करेगी। इसके तहत भाजपा के कार्यकर्ता हर जिले, ग्राम-पंचायत और घर-घर पहुंचेंगे और सीएए को लेकर फैलाए गए भ्रम को दूर करेंगे। लोगों को वास्तविकता बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के झूठ के बादल अब ज्यादा दिन ठहरने वाले नहीं हैं।