चंडीगढ़। घोटालों और फर्जीवाड़े से घिरा चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिटको) अब अपने सुखना लेक स्थित मरमेड व ओपन स्पेस (बोट हाउस कैफे) को निजी हाथों में देने जा रहा है। इसके लिए सिटको ने इच्छुक एजेंसियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी करके आवेदन मांगे हैं। सिटको के अंदर इस फैसला का विरोध भी शुरू हो गया है।सिटको प्रोग्रेसिव वर्कर्स यूनियन ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। यूनियन के प्रधान प्रेम लाल ने कहा कि ये रेस्टोरेंट प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं और मुनाफे में हैं। रेस्टोरेंट का निजीकरण होने से कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सुखना लेक पर दुनिया भर से पर्यटक आते हैं, जिससे मुफ्त में विभाग की दुनिया भर में पब्लिसिटी हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सिटको ने ड्रॉप-इन, स्टॉप-एन स्टेयर और बैठक कलाग्राम को निजी हाथों में दिया था। काफी समय तक ये रेस्टोरेंट खाली रहे, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। चेयरमैन कश्मीर चंद ने कहा कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए टेंडरिंग प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूनियन निजीकरण का विरोध करती है और अगर टेंडरिंग प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
15 मार्च तक एजेंसियों से मांगे हैं आवेदन
सिटको ने मरमेड व ओपन स्पेस (बोट हाउस कैफे) के निजीकरण के लिए 15 मार्च तक इच्छुक एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। 20 मार्च को इन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए बैठक की जाएगी। इसके अलावा सिटको ने सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक पर एम्यूजमेंट एक्टिविटी के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। पिछले वर्ष विभाग ने बोटिंग शुरू करने के लिए भी टेंडर जारी किया था, लेकिन अब नए सिरे से यहां इस तरह की गतिविधियां शुरू करने के लिए काम किया जा रहा है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुखना लेक की तरह सेक्टर-42 लेक पर भी वह लोगों को सभी तरह की सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि लोग न्यू लेक के प्रति भी आकर्षित हों।