चंडीगढ़। चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (सिटको) अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पिछले 10 साल में सिटको में काम बढ़ा है लेकिन नियमित कर्मचारियों की संख्या 900 से घटकर 463 पहुंच गई है। जहां कभी ग्रुप-ए में 30-35 कर्मचारी होते थे, अब महज सात रह गए हैं। ग्रुप-बी और सी मेें भी यही हालात हैं। कई महत्वपूर्ण पद आउटसोर्स कर्मचारियों और अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चलाए जा रहे हैं।
शहर में सिटको होटल और पर्यटन क्षेत्र में पिछले करीब 50 वर्षों से सेवा दे रहा है। यह शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण निगम है। होटल माउंट व्यू, होटल पार्क व्यू और शिवालिक व्यू भी सिटको चलाता है। इसके अलावा भी सिटको के पास कई यूनिट हैं। पिछले 10 साल में सिटको के हालात काफी खराब हुए हैं। यूनिट 13 से 18 हो गए हैं लेकिन कर्मचारी आधे हो गए हैं। नियमित कर्मचारी साल-दर-साल सेवानिवृत्त होते गए लेकिन सिटको ने उनकी जगह पिछले 10 साल में कोई भर्ती नहीं की, बल्कि काम चलाने के लिए आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट से कर्मचारी रखते रहे। अब सिटको में आलम यह है कि 10 साल पहले ग्रुप-ए के नियमित 30-35 कर्मी थे, अब सिर्फ 7 रह गए हैं। ग्रुप-बी के 90-100 कर्मी थे, अब सिर्फ 18 रह गए हैं। ग्रुप-सी और डी के हाल भी यही हैं। ऐसा नहीं है कि सिटको में काम नहीं है। हाल ही में चार नए पेट्रोल पंप और नई यूटी सचिवालय कैंटीन शुरू की गई है। सिटको ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 9.85 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, फिर भी सिटको की ओर से कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है।
अकाउंट्स सेक्शन में नियमित कर्मचारी नहीं, कैसे होंगे काम : सिटको में हालात अभी और खराब हो सकते हैं, क्योंकि वर्ष 2024-25 में लगभग 80 और कर्मचारी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सिटको के अकाउंट्स सेक्शन में नियमित कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या नहीं है, जिसकी वजह से बुरी तरह से काम प्रभावित हो रहा है। सिटको प्रोग्रेसिव वर्कर्स यूनियन के प्रधान प्रेम लाल, कार्यकारी महासचिव अश्विनी कुमार और कश्मीर चंद ने इस संबंध में पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को शिकायत भी दी है। पत्र में लिखा है कि अप्रैल 2024 से अकाउंट्स सेक्शन का अधिकांश काम आउटसोर्स कर्मचारियों के हाथों में होगा, जिससे सिटको के खातों का बार-बार कुप्रबंधन हो सकता है। कहा है कि पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन अधिकतर मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई है इसलिए सिटको को बचाने के लिए तुरंत नियमित भर्ती की जानी चाहिए।