चंडीगढ़। चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (सिटको) में कांट्रेक्ट और आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियों को अभी डीसी रेट नहीं मिलेगा। मंगलवार को हुई सिटको के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला हुआ।
बैठक में बताया गया कि सिटको में ग्रुप सी के 292 पद खाली हैं, जो विभिन्न होटल, हेड ऑफिस पर सेल डिपो के हैं। सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से 142 कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इन्हें वर्तमान में एएलसी रेट दिया जा रहा है। अगर इन्हें डीसी रेट दिया जाएगा तो सिटको पर करीब 18 लाख का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसी तरह ग्रुप डी के भी कई पद खाली हैं और उनकी जगह कांट्रेक्ट और आउटसोर्स पर कर्मचारियों को रखा गया है। उन्हें भी अगर डीसी रेट दिया जाएगा तो सिटको पर काफी बोझ आएगा इसलिए फिलहाल इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई है।
इस फैसले से सैकड़ों कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है क्योंकि सिटको की सभी यूनियनें भी कर्मचारियों को डीसी रेट दिए जाने की मांग कर रहीं हैं। 23 सितंबर को सिटको प्रोग्रेसिव वर्कर्स यूनियन ने इस संबंध में पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखा था। यूनियन के प्रेम लाल का कहना है कि कम वेतन में कर्मचारियों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। अनुभवी कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं और निजी होटलों व पेट्रोल पंप का रुख कर रहे हैं, जिससे विभाग का काम प्रभावित हो रहा है।
जीएम-डीजीएम को वित्तीय शक्ति देने का प्रस्ताव
बैठक में सिटको के होटलों के जीएम-डीजीएम को वित्तीय शक्ति देने का भी प्रस्ताव लाया गया ताकि ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों का समय पर वेतन जारी किया जा सके। इसके अलावा परफॉर्मेंस रिव्यू, वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बोनस का पेमेंट, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के स्ट्रक्चर में बदलाव, वर्ष 2021-22 की सिटको की बैलेंस शीट का स्टेटस रिपोर्ट, सेक्टर-10 स्थित होटल माउंट व्यू के दो डीजी सेट को बदलने और सिटको के कर्मचारियों के सर्विस रूल में बदलाव करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस मुद्दे में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता न होने की वजह से सिटको एक बार फिर प्रशासन के कार्मिक विभाग के साथ चर्चा करेगा।