कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की ओर से आयोजित चार दिवसीय सीआईआई एग्रोटेक-2016 मंगलवार को संपन्न हो गया। पंजाब के राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर समापन समागम के मुख्य मेहमान थे। उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए प्रभावशाली तकनीक के विकास को इंडस्ट्री, शिक्षाविदों और किसानों की साझेदारी पर जोर दिया। समागम में हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने भी शिरकत की।
राज्यपाल बदनौर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में पंजाब बेहतर काम कर रहा है। हालांकि घटता जलस्तर, रसायनों का अधिक प्रयोग, मिट्टी की घटती उपजाऊ शक्ति और पराली जलाने जैसी गंभीर चुनौतियां पेश आ रही हैं। पंजाब सरकार इनके प्रति सचेत है। सरकार मक्का, कपास, बासमती और सोयाबीन को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने मार्केटिंग और प्रोसेसिंग पर टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाया है। किसानों को कृषि केअन्य हित धारकों के साथ कनेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सीआईआई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों से किसान काफी लाभान्वित होते हैं।
सीआईआई उत्तरी क्षेत्र की चेयरपर्सन रुमझुम चटर्जी ने कहा कि एग्रोटेक में खेती और सहयोगी सेक्टर केसभी पहलुओं को शामिल किया गया। इनमें फार्म टेक, बेहतर जमीन, उन्नत प्रौद्योगिकी पैवेलियन, पशुधन एक्सपो, फूड टेक, जल प्रबंधन व सिंचाई शामिल हैं। 69 माहिरों ने सत्रों को संबोधित किया, पांच सौ से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए। चार देशों की ओर से विशेष सत्र आयोजित किए गए।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के किसान संगठनों के दल आए। पंजाब स्टेट काउंसिल के वीसी गुरमीत भाटिया ने कहा कि एग्रोटेक के नतीजे शिक्षाविदों, इंडस्ट्री व नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होंगे। अगला संस्करण 1-4 दिसंबर-2018 में आयोजित किया जाएगा। समागम में भागीदार देशों जर्मनी व कनाडा, अतिथि देश ग्रेट ब्रिटेन, सहयोगी राज्य गुजरात व मध्य प्रदेश के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। शानदार पैवेलियन बनाने वालों को भी अवार्ड दिए गए।