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ये खबर पढ़ेंगे तो शर्तिया सिगरेट छोड़ देंगे आप

Wed, 04 Feb 2015 10:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ये खबर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सिगरेट पीने का मोह छोड़ नहीं पा रहे। मौत आपके नजदीक है। हाइपरटेंशन, कोलेस्ट्राल बढ़ने के साथ यदि आप स्मोकिंग करते हैं तो खून की मुख्य नली फट सकती है। इससे जान भी जाने का खतरा रहता है।
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मेडिकल भाषा में इसे एब्डोमिनल एरोटिक एनोयरिज्म (एएए) कहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर यह बीमारी 60 साल के बाद होती है, लेकिन ऊपर बताए गए लक्षण हो तो इसकी संभावना कम उम्र में भी होती है।

पीजीआई के विशेषज्ञ के अनुसार, जब ऐसे लक्षण हो तो हर छह महीने में अल्ट्रासाउंड करवाते रहना चाहिए। अच्छी बात यह है कि दिल्ली को छोड़कर पूरे नार्थ इंडिया में इसका इलाज सिर्फ पीजीआई में उपलब्ध है। वह भी प्राइवेट के मुकाबले आधे रेट में।
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बीमारी के इलाज के दो तरीके

पीजीआई में आयोजित प्रेस वार्ता में कार्डियोलाजिस्ट डॉ. राजेश विजय वर्गीय, रीनल ट्रांसप्लांट के डाक्टर आशीष शर्मा, प्रो. मुकुट मिन्ज ने बताया कि एयोर्टा नाम की एक खून की नली होती है। इसका काम पूरी बॉडी के साथ किडनी, इन्टेस्टटाइन और लोवर लिंब्स में ब्लड सप्लाई करता है।

उन्होंने बताया कि इसके इलाज के लिए दो तरीके होते हैं। पहला ओपेन सर्जिकल रिपेयर व दूसरा इंडो वस्कुलर की मदद से। दूसरी तकनीक से इलाज करने में मरीज का खून कम बहता है और वह जल्दी ठीक हो जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि प्राइवेट में इसके इलाज में दस लाख रुपये का खर्चा आता है जबकि पीजीआई में मात्र पांच लाख रुपये में। डाक्टरों का कहना है कि लोगों को अवेयर होने की जरूरत है। अक्सर पेन होने के बाद वे लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में तुरंत स्पेशलिस्ट डाक्टरों को दिखाना चाहिए।
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