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एक बार फिर चितकारा की बस खंभे से टकराई, बाल-बाल बचे छात्र

Mon, 16 Jan 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चितकारा की बस खंभे से टकराई - फोटो : अमर उजाला
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कलाग्राम लाइट प्वाइंट के पास चितकारा यूनिवर्सिटी की बस एक बार फिर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में सवार करीब 20 छात्र बाल-बाल बच गए। मनीमाजरा पुलिस के अनुसार रविवार शाम को कला ग्राम लाइट प्वाइंट के पास बस डिवाइडर पर लगे ट्रैफिक लाइट प्वाइंट के खंभे से टकरा गई।
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बस 20 छात्रों को बद्दी लेकर जा रही थी। ड्राइवर के अनुसार एक मोटरसाइकिल उनकी बस केे आगे अचानक से आ गया। उसे बचाते हुए ये हादसा हुआ। हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई है। इसलिए किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है।

गौरतलब है कि बुधवार सुबह सेक्टर-38 वेस्ट में कार को बचाते-बचाते चितकारा स्कूल की बस पलट गई थी। हादसे में 30 बच्चे बाल-बाल बचे थे। कुछ छात्रों को मामूली चोटें भी लगी थीं। 
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‘चितकारा स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधकों पर दर्ज करें केस’

एक बार फिर चितकारा की बस खंभे से टकराई
सेक्टर 38 में चितकारा इंटरनेशनल स्कूल की बस पलटने से घायल हुई एक छात्रा के पिता ने आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा को पत्र लिखकर स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। रविवार को सेक्टर 39 निवासी डाक्टर रमन प्रकाश ने आईजी को पत्र भेजा है। आईजी को लिखे लेटर में रमन प्रकाश ने कहा कि उन्होंने 11 जनवरी की सुबह बस पलटने से कई दिन पहले स्कूल प्रिंसिपल व क्लास इंचार्ज को मिलकर बस ड्राइवरों द्वारा तेज व लापरवाही से  ड्राइविंग करने  का मुद्दा उठाया था।

लेकिन स्कूल से सिर्फ उनको आश्वासन ही मिला।  उनकी शिकायत पर स्कूल ने कोई कदम नहीं उठाया।  अगर स्कूल प्रशासन ने कोई कार्रवाई की होती तो ये हादसा न होता। इस हादसे में शिकायतकर्ता रमन प्रकाश की बेटी घायल हुई थी। रमन प्रकाश ने बताया कि एक दिन उनकी बेटी स्कूल से काफी डरी -सहमी लौटी थी। जब उससे पूछा पूछा तो उसने बताया कि स्कूल बस ड्राइवर काफी तेज बस चलाते है, बस में तेज गाने बज रहे होते है , ड्राइवर रेड लाइट भी जंप करता है। जिसके बाद रमन प्रकाश स्कूल वालों से मिले थे और बसों में बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। रमन प्रकाश का कहना है कि साल 2015 में स्कूल प्रबंधन ने बसों में सुरक्षा के इंतजाम  बढ़ाने के नाम पर ट्रांस्पोर्ट फीस भी 800 रुपये से बढ़ा कर 1365 रुपये कर दी थी। लेकिन हादसे को देखकर नहीं लगता कि स्कूल की सभी बसों में स्पीड गर्वनर लगे भी है।

रमन का कहना है कि 11 जनवरी की सुबह हुए हादसे का जितना जिम्मेदार बस चालक है उतने ही जिम्मेदार स्कूल प्रिंसीपल व स्कूल प्रबंधक है तो उनके खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए। 
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