पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कालेज व अस्पताल (सीएमसीएच) के वर्ष 2011 के 141 छात्रों को दूसरे कालेजों में शिफ्ट करने में फैसला लेने में देरी करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
कालेज को कुछ कमियों के कारण वर्ष 2012, 2013 और 2015 में दाखिले के लिए जरूरी मंजूरी नहीं मिल सकी थी। इसी वजह से कालेज के छात्रों क ी डिग्री की मान्यता नहीं होने का भय खड़ा हो गया था।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने इन छात्रों को आठ अन्य कालेजों में शिफ्ट किए जाने की सिफारिश की थी, जिसे प्रदेश सरकार ने मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन आगे की कार्रवाई एमसीआई को करनी थी।
एमसीआई ने अभी तक इस शिफ्टिंग पर कोई फैसला नहीं लिया था। हाईकोर्ट ने इस संबंधी याचिका पर छह बार जवाब नहीं देने पर एमसीआई को एक लाख रुपये जुर्माना लगाते हुए जल्द फैसला लेने को कहा है।