आठ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के दोषी की फांसी की सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। अब वह अपनी आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहेगा। दोषी सन्नी ने सेशन कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
मामला रेवाड़ी में जून 2018 का है जब 8 साल की नाबालिग और उसका बीमार भाई घर पर अकेला था। जब अभिभावक घर पहुंचे तो उन्हें उनकी बेटी घर पर नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बेटी की तलाश करना शुरू कर दिया। इस दौरान सन्नी भी उनके साथ नाबालिगा को ढूंढने लगा।
इस दौरान सन्नी बार-बार अपने बयान बदल रहा था जिससे शिकायतकर्ता को उस पर शक हुआ और उन्होंने उसे उसका घर खोलने को कहा तो वह डर गया। इस दौरान उसने कबूल किया कि उसने ही शिकायतकर्ता की बेटी को किडनैप किया था और इसके बाद उससे दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी।
हत्या करने के बाद शव को इलमारी में छुपा दिया था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और रेवाड़ी की सेशन कोर्ट ने इसे बेहद ही संगीन और रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस करार देते हुए सन्नी को दोषी मान फांसी की सजा सुना दी थी।
हाईकोर्ट ने अब सन्नी की फांसी की सजा के आदेश को बदलते हुए उसे आजीवन कारावास यानि की मृत्यु तक कारावास में रखे जाने के आदेश दे दिए हैं।