सीएम मनोहर लाल
सीएम ने बताया कि जब वे लटके हुए थे तो बीच में एक नदी भी आई थी, एक बार तो मन में आया कि वे नदी में कूद जाएं, लेकिन सोचते-सोचते ही नदी भी निकल गई। लगा बस अब तो भगवान ही बचाए। बस उसी समय बोगी में मौजूद कालूराम की नींद खुली।
सीएम ने खिड़की से आवाज लगाई कालूराम मैं मनोहर लाल दरवाजा खोलो, बस फिर कालूराम ने चलती ट्रेन का दरवाजा खोलकर उन्हें अंदर खींच लिया। ट्रेन के भीतर पहुंचने के बाद उनकी जान में जान आई। फिर तो कोई हाथ मसलने लगा और कोई पांव, बस भगवान ने बचा लिया और आज आपके सामने हूं।