आरक्षण को लेकर प्रदेश में 15 फरवरी से जाटों की ओर से बंद का एलान करने के बाद प्रदेश सरकार ने भी आंदोलन से निपटने की तैयारी कर ली है। बंद की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जहां प्रदेशभर की पुलिस को अलर्ट रहने को कहा गया है, वहीं सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि सबकी तकलीफें और विषय उनकी जानकारी में हैं और प्रदेश में रहने वाले सभी लोग हमारे हैं और हमें अपनों से निपटना आता है।
करनाल आगमान के दौरान अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में रहने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं, और वे उनकी दिक्कतों को समझते हैं।
उन्होंने कहा कि आन्दोलन करने वाले लोगों की परिस्थितियों को सरकार समझती है और वे लोग भी हमारी परिस्थितियों को समझते हैं। सभी लोगों के साथ बातचीत चल रही है और किसी प्रकार की बड़ी दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अपने लोगों के साथ सरकार को किस तरह से निपटना है वे भली भांति जानते हैं।
कानून तोड़ने की इजाजत नहीं : कांबोज
राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि सरकार किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं देगी। कानून तोड़ने वालो से सख्ती से निपटा जाएगा।
इसी मामले में मुख्य संसदीय सचिव सरदार बख्शीश ने कहा कि सरकार सभी संगठनों के मामलों को बातचीत के जरिये समाधान निकालने का प्रयास कर रही है और आने वाले वक्त में भी बातचीत के जरिये ही सभी की समस्याओं का हल करेंगे। उन्होंने कहा सरकार ऐसे संगठनों के साथ बातचीत के लिए हर समय तैयार रहती है।