हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर का कहना है कि सरकार का प्रयास है कि भविष्य में प्रदेश में कोई घोटाला न हो। शनिवार को सीएम हाउस में औपचारिक बातचीत के दौरान पेंशन घोटाले की जांच के बारे में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले घोटाले करने वाले अधिकारी भी हैं और उनकी जांच करने वाले भी अधिकारी हैं।
ऐसे में सरकार ध्यान रख रही है कि अब कोई घोटाला न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए संभव नहीं है कि सभी को सरकारी नौकरियां दे सके ऐसे में हरियाणा में डेयरी, कृषि कारोबार के अलावा उद्योगों और अन्य रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है ताकि बेरोजगारों को नौकरी मिल सके।
संत रामपाल पर कार्रवाई के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब करौंथा में बवाल हुआ था, पिछली सरकार को पहले ही कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि भविष्य में मंत्रिमंडल का विस्तार जरूर होगा। उल्लेखनीय है कि इस समय कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 10 सदस्य हैं जबकि तीन विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर चल रहे केस के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट में जो निर्णय आएगा उसे सरकार मानेगी। उन्होंने एमएसजी फिल्म के प्रसारण पर कहा कि यह सेंसर बोर्ड का कार्य है और जब प्रदेश में पूरी हर मामले से निपटने के लिए पूरी कानून व्यवस्था है। करोड़ों रुपये के वैट घोटाले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी सरकार के पास एसआईटी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। लोकायुक्त द्वारा फैसला लेने के बाद सरकार कार्रवाई करेगी।
अस्पतालों की सरकारी मशीनें ठीक करवाने के आदेश
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अधिकारियों को आदेश जारी किए कि सभी सरकारी अस्पतालों में इस समय खराब पड़ी मशीनों को तुरंत प्रभाव से ठीक करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के अलावा अन्य सुविधाएं सुधारने के लिए कोई भी व्यक्ति सरकार को सुझाव दे सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही पुलिस में काफी सुधार किए गए हैं और भविष्य में कई और सुधार लोगों को देखने को मिलेंगे।