वित्तीय संकट में घिरी पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों तक के वेतन बढ़ाने का फैसला लिया है। साथ ही लोगों को भी राहत देते हुए अलॉटमेंट रेट पर प्लॉटों की रजिस्ट्री कराने की सुविधा दी है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार पंजाब विधानसभा के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों व पूर्व विधायकों के वेतन/पेंशन, भत्ते, एक्स ग्रेशिया ग्रांट तथा अन्य भत्ते बढ़ाने के लिए संबंधित एक्टों में संशोधन को स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट ने विधानसभा की जनरल परपज कमेटी की रिपोर्ट और हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के संबंधित वेतन-भत्तों पर विचार किया। इसके बाद वेतन एवं भत्ते बढ़ाने संबंधी कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई।
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‘हरियाणा और हिमाचल से कम वेतन’
वेतन के अलावा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों/पूर्व विधायकों को मिलने वाले विशेष भत्तों में भी संशोधन किया गया है। प्रवक्ता के अनुसार इस संशोधन के बाद भी पंजाब के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों/पूर्व विधायकों को हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों के मुकाबले वेतन एवं भत्ते कम ही मिलेंगे।