शादी-ब्याह को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया गया है और इसे लोगों को सुना भी दिया गया है। इसके तहत अब शादी में न तो डीजे बजेगा और न शराब परोसी जाएगी। हरियाणा के बहादुरगढ़ में छिल्लर-छिकारा खाप की शादियों को यह निर्णय लिया गया। यदि कोई इस निर्णय के विरुद्ध जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। यह निर्णय रविवार को गांव कानोंदा में हुई छिल्लर-छिकारा खाप के 11 गांवों की पंचायत में लिया गया।
गांव की चौपाल में आयोजित इस पंचायत की अध्यक्षता राममेहर सिंह ने की। छिल्लर खाप के प्रधान बलवान सिंह और छिकारा खाप के प्रधान गुलाब सिंह के अलावा इन खापों से जुड़े 11 गांवों के मौजीज लोग पंचायत में मौजूद थे। पंचायत में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, आपसी प्रेम व एतिहासिक भाइचारे को बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही कई अहम फैसले भी लिए गए। पंचायत में नशे के विरुद्ध सराहनीय फैसला लिया गया। शराब की वजह से शादी समारोह में झगड़े होते हैं। कई बार ये झगड़े बड़ा रूप ले लेते हैं।
शादियां खुशी का मौका होती हैं। इसलिए इन खुशियों के दिन कोई भी बुरी चीज नहीं होनी चाहिए। इसलिए अब छिल्लर-छिकारा की शादियों में शराब की स्टॉल नहीं लगेंगी। इसके अलावा डीजे के प्रति भी पंचायत में कड़ा रुख देखने को मिला। खापों के प्रतिनिधियों ने दिन के समय शादी समारोह में डीजे न चलाए जाने का भी निर्णय लिया। इसके अलावा, भ्रूण हत्या सहित दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को तुरंत प्रभाव से बंद करने पर जोर दिया।
निर्णय का विरोध करने पर होगी कार्यवाही
क्षेत्र में छिल्लर-छिकारा खाप का बड़ा दबदबा है। सामाजिक स्तर पर पहले भी दोनों खाप बड़े फैसले ले चुकी है। ऐसे में पंचायत में लिए गए फैसलों पर अमल के लिए प्रत्येक गांव में 4-4 लोगों की कमेटियां बनाई जाएंगी। कमेटी के सदस्य लोगों को जागरूक करेंगे और प्रत्येक गांव का दौरा कर ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी तरह का उल्लंघन तो नहीं हो रहा। कमेटी की सिफारिश पर पंचायत फैसलों के खिलाफ जाने वालों पर कार्यवाही करेगी।