तीन दिनों से चल रही छठ पूजा का प्रथम चरण डूबते सूर्य के अर्घ्य के साथ शुक्रवार को पूरा हो गया। अर्घ्य देने के लिए न्यू लेक में भक्तों और व्रतियों की भीड़ उमड़ी।
लेक पर दोपहर तीन बजे से ही श्रद्धालु जुटने लगे थे। इसके अलावा आर्मी, सीआरपीएफ और प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी पहुंचे।
पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जगह-जगह मैरिज ब्यूरो के स्टाल लगाए थे। इसके अलावा जगह-जगह वालंटियर भी मौजूद थे।
दोपहर के वक्त संस्था की तरफ से दोपहर में मंत्रोच्चारण के साथ गंगाजल डालकर लेक को पवित्र किया गया।
शाम के वक्त विश्व कल्याण के लिए पूजा की। भाजपा नेता सतपाल जैन, हरमोहन धवन, संजय टंडन और चंडीगढ़ के सांसद पवन बंसल मौजूद रहे। दोपहर के वक्त वित्त सचिव वीके सिंह भी न्यू लेक पहुंचे और पूजा की।
इस मौके पर चेयरमैन डॉ. आरपी बाजपेयी, अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष यूकेसिंह, डॉ. एसडी पांडेय, महासचिव डीके सिंह, सचिव पीएन शाही और पूर्व अध्यक्ष चंद्रमा मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे।
जगह-जगह मनाई छठ पूजा
पूर्वांचल विकास महासंघ चंडीगढ़ प्रदेश ने चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन कराया था।
कॉलोनी नंबर चार, संजय कॉलोनी, हल्लोमाजरा, मौली जागरां, ग्राम दरिया, कॉलोनी नंबर पांच, मक्खन माजरा, रायपुर खुर्द सहित कई जगह छठ पूजा का आयोजन किया गया।
पूर्वांचल विकास महासंघ के अध्यक्ष शशी शंकर तिवारी और महासचिव अरविंद सिंह ने बताया कि 9 नवंबर को सुबह छह बजे उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा। कॉलोनी नंबर चार में एक भोजपुरी कार्यक्रम रखा गया।
सिर्फ छठ पूजा पर ही डूबते सूर्य को किया जाता है प्रणाम
छठ एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसमें श्रद्धालु डूबते हुए सूर्य से भी आशीर्वाद लेते हैं। शुक्रवार शाम घग्गर के तट पर भक्तिमय माहौल था। एक तरफ पूजा हो रही थी तो दूसरी तरफ पर्व से जुड़े गीत बज रहे थे।
जाम में फंसी एंबुलेंस
घग्गर नदी के तट पर इतनी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे कि सेक्टर-3 स्थित शनि मंदिर के पास घग्गर नदी से होकर गुजरने वाले रास्ते पर चार बजे ही जाम की स्थिति बनी रही और छह बजे तक यह सिलसिला जारी रहा।
सूर्यास्त के बाद जब सभी घाट से घर को लौटने लगे तो भी जाम की स्थिति बन गई। इसी जाम में एंबुलेंस भी 15 मिनट फंसी रही।