ठंड इंसानों पर ही नहीं बेजुबानों पर भी अपना असर दिखाती है। यही वजह है कि अब जीरकपुर स्थित छतबीड़ जू के जानवर भी दुबक कर बैठ रहे हैं। सांपों का रुख अपने पिटारे की ओर है तो हिरन, टाइगर से लेकर शेर तक छिपने के लिए सुरक्षित जगह ढूंढ रहे हैं। जू प्रशासन ने भी कमर कस ली है। डाइट में बदलाव करने के साथ-साथ उनके बाड़ों में हीटर भी लगा दिए हैं। जानवरों के बाड़ों के बाहर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
जानवरों के डॉक्टरों की टीम को 24 घंटे तैनात करने के लिए कहा गया है। जू के राजा युवराज (शेर) को लीवर टॉनिक दिया जा रहा है, वहीं हीर, हेली व शिल्पा(शेरनी) को मल्टी विटामिन व मिनरल। वहीं हिरन को आंवला बहुत पसंद है। जानवरों के लिए मांसाहारी भोजन 10 किलो की जगह 12 किलो कर दिया गया है। बंगाल टाइगर के बाद सबसे ज्यादा सैलानी एशियाई भालू को देखना पसंद करते हैं। इसलिए जू में रोजाना भालू को सौ ग्राम शहद का सेवन कराया जाता है।
सुनहरी धूप में पर्यटकों को लुभा रहे हैं, छतबीड़ जू के वन्य प्राणी
जू पर्यटकों के लिए जानवरों के दर्शन इन दिनों और भी सुलभ हो गए हैं। सुबह हल्की ठंड के बाद धूप सेकने के बहाने तमाम जानवर बाड़े में जुट रहे हैं। पक्षियों की एवरीज और हाउसेज को सर्द हवाओं और ओस से बचाने के लिए छत और साइड से प्लास्टिक की तिरपालें टांगी गई हैं। अजगर का जोड़ा दर्शकों की नजरों से ओझल हो चुका है।
उसे रेप्टाइल हाउस में रखा गया है जहां 30 डिग्री सेल्सियस तापमान मेंटेन करने के लिए हीटर ब्लोअर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। हिरन प्रजातियों समेत तमाम हरबीवोरस जानवरों के बाड़ों में सरकंडों सूखी खास की झोपड़ियां बनाई गई हैं। सफेद साधारण रॉयल बंगाल टाइगर्स और लॉयंस के हाउसेज में ब्लोअर लगाए गए हैं।
हरी सब्जियां भी..........
सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद गाजर और बंद गोभी व हरे मटर की व्यवस्था की गई है। वहीं दरियाई घोड़ा के डाइट में बदलाव किया गया है, उसके डाइट में आधा किलो गुड़ सप्ताह में एक बार दिया जाएगा। वहीं हाथियों को केला, सेब भी दिया जाता है।
क्या कहते हैं जू के डायरेक्टर
छतबीड़ जू फील्ड डायरेक्टर मधुकर सुधाकर ने बताया कि सर्दी वन्य प्राणियों के बचाव के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया हीटर और ब्लोअर लगाए गए हैं। इनमें लैपर्ड में सात, लायंस में पांच, टाइगर्स में पांच, उल्फ, हायना रेक्टेन हाउस में छह हीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा बीमार वन्य प्राणिया के अस्पताल में अलग से करीब आधा दर्जन रूम हिटर और ब्लोवर लगाए गए हैं।
इसके अलावा वन्य प्राणियों को लीवर टॉनिक, मल्टी विटामिन व मिनरल दिए जा रहे हैं। वहीं सर्दी के सीजन फल और सब्जियां भी डाइट में शामिल किया गया है।