एक केमिस्ट को पुलिस की ओर से झूठे ड्रग केस में फंसाने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। केमिस्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका में 50 लाख के मुआवजे की मांग की है। जस्टिस आरके जैन की एकल बेंच ने एसएसपी मानसा और एसएचओ भीखी समेत सात पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी करजवाब मांग लिया है।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका में भीखी के केमिस्ट अशोक जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ भीखी थाना पुलिस ने 10 अगस्त 2013 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। उसे पांच दिन तक हिरासत में भी रखा गया।
उससे पास से कुछ ड्रग्स की बरामदगी भी दिखाई गई। पुलिस ने दावा किया कि उसे भीखी से कुछ दूरी पर गिरफ्तार किया गया, जबकि सच्चाई यह है कि उसे उसकी दुकान से ही हिरासत में लिया गया, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इसी को लेकर उसने सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन पुलिस ने एसपी डिटेक्टिव से जांच कराई।
एसपी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दी। यहां तक कि एक पुलिसकर्मी की दो साल के सेवा लाभ भी न देने की सिफारिश की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर निचली अदालत ने अशोक को बरी कर दिया था।
याचिका में आरोप लगाया गया कि सरकार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में मांग की गई है कि जैन को झूठे मामले में फंसाने और पांच दिन तक हिरासत में रखने के कारण 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। हाईकोर्ट ने सरकार और पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।