बगैर लाइसेंस के केमिस्ट शॉप चलाने या फर्जी तरीके से दवाइयां बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकान पर फार्मासिस्ट के अलावा अगर कोई दूसरा दवाइयां बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लाइसेंस रद्द कर केमिस्ट शॉप पर ताला भी लगाया जा सकता है। एक मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को ये निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर आदेश दिए है कि शहर में संचालित की जा रही सभी केमिस्ट शॉप का वेबसाइट पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर शहर में चल रही केमिस्ट शॉप की पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। इसमें केमिस्ट का नाम, फार्मासिस्ट का नाम (लाइसेंस होल्डर), लाइसेंस नंबर और लोकेशन की जानकारी देनी होगी। इसके लिए हाईकोर्ट की ओर से स्वास्थ्य विभाग को एक माह का समय दिया गया है। इसके अलावा यूटी के स्वास्थ्य विभाग को यह निर्देश जारी किए गए हैं कि शहर में संचालित की जा रही केमिस्ट शॉप की चेकिंग की जाए।
सितंबर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ा था फर्जी डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते सितंबर माह में डड्डूमाजरा में छापामारी कर एक फर्जी डॉक्टर को दबोचा था। डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर क्लीनिक को बंद कर दिया गया था। संजय पांडेय नाम का एक फर्जी डॉक्टर पिछले 14 सालोें से लोगों को दवाएं देने का काम रहा था।