चंडीगढ़। अगर आप आम खाने के शौकीन हैं तो उसे खाने का तरीका भी जान लें वर्ना सेहत बनने की बजाय खतरे में पड़ जाएगी क्योंकि बाजार में इन दिनों धड़ल्ले से केमिकल से पकाए आम बेचे जा रहे हैं। इस खतरे से अनजान लोग उसकी खरीदारी कर रहे हैं जिससे अनजाने में वो जहरीला केमिकल आम के साथ पेट में जाकर गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। इस संबंध में पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. रविंद्र खैवाल ने विस्तार से जानकारी दी, जिसमें केमिकल से होने नुकसान और उससे बचाव के उपाय भी बताए। जिस आम के ऊपर हरे रंग के धब्बे दिखाई दें तो समझ लें इसे केमिकल द्वारा पकाया गया है।
प्रो. रविंद्र ने बताया कि कच्चे आम या अन्य कच्चे फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड, एसिटलीन गैस, कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसे कैमिकल का उपयोग किया जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को स्किन कैंसर, कोलन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर जैसे घातक रोग हो जाने का खतरा रहता है। इसे ध्यान में रखकर ही इसके उपयोग पर रोक है। लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। इन दिनों चीन के केमिकल का भी उपयोग किया जा रहा है। इन केमिकल में कैल्शियम कार्बाइड सबसे खतरनाक है। इसलिए केमिकल से पकाए आम खाने से बचना चाहिए। आम खाने से पहले इस बात की जांच जरूर कर लें कि आप नेचुरल रूप से पके हुए आम खा रहे हैं या कैमिकल से पकाए हुए यानी कार्बाइड डाला हुआ आम खा रहे हैं।
पानी करेगा आम का आम केमिकल का केमिकल : आम खाने से पहले उसे पानी में भिगोकर ठंडा कर लें। इसके कई फायदे होते हैं। पानी में आम भिगोने पर पके हुए आम पानी में तैरते हैं, जिससे सड़े हुए और अच्छे आम में आसानी से फर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही कैमिकल से पके हुए आम पानी के ऊपर तैरने लगते हैं। यह फाइटिक एसिड और मैंगो सैप ऑयल को हटाता है जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है।
ऐसे पहचानिए आम में केमिकल : जिस आम के ऊपर हरे रंग के धब्बे दिखते हैं। वे केमिकल से पकाए गए होते हैं, क्योंकि केमिकल से पके आम कहीं पर पीले और कहीं हरे दिखाई देते हैं। जबकि प्राकृतिक रूप से पके हुए आम में हरे धब्बे नहीं दिखते हैं। केमिकल से पकाए आम काटने पर अंदर से कहीं पीले तो कहीं सफेद दिखते हैं। क्योंकि पेड़ पर पकने वाले फल अंदर से पूरी तरह से पीले दिखते हैं। वहीं केमिकल से पकाया आम खाने से कसैलापन और मुंह में हल्की सी जलन होने लगती है।