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Chandigarh News: डिस्ट्रिब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 49 हजार 500 रुपये ठगे

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चंडीगढ़। साइबर ठगों ने एशियन पेंट्स कंपनी की डिस्ट्रिब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर पंपकार्ट कंपनी के फाउंडर व मालिक कमलजीत सिंह भाटिया को 49 हजार 500 रुपये का चूना लगाया है। शिकायतकर्ता कमलजीत सिंह को एक अज्ञात महिला ने एशियन पेंट्स कंपनी की कर्मचारी बन उन्हें कॉल कर डिस्ट्रिब्यूटरशिप दिलाने का झांसा दिया। आरोपी महिला की बातों में आकर उन्होंने डिस्ट्रिब्यूटरशिप के आवेदन कर दिया। महिला ने उनसे उक्त रकम रजिस्ट्रेशन फीस के नाम से एक खाते में ट्रांसफर करा ली। संदेह होने पर जब उन्होंने कंपनी के रिलेशनशिप मैनेजर से बात की तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम सेल को दी। साइबर सेल ने केस की जांच शुरू कर दी है।
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साइबर सेल को दी शिकायत में कमलजीत सिंह भाटिया ने बताया कि उन्होंने बीते दिनों एशियन पेंट्स की डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए आवेदन किया था, जिसे लेकर उनकी कंपनी के साथ बातचीत चल रही थी। उन्होंने बताया कि उनके नंबर पर 16 जनवरी की शाम करीब 5.30 बजे एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाली महिला ने बताया कि उसका नाम सुप्रिया है और वह एशियन पेंट्स की कर्मचारी है। आरोपों के मुताबिक महिला ने उन्हें कहा कि उनकी ओर से डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए किए गए आवेदन को लेकर यह कॉल की गई है। उनकी ओर से किए गए आवेदन के साथ कुछ अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता है जो उन्हें उपलब्ध कराने होंगे। पीड़ित के बाद आरोपी महिला ने उन्हें अपनी बातों में उलझाते हुए काफी देर तक कागजों और प्रक्रिया को लेकर बातचीत करती रही। इसके बाद महिला ने उन्हें बताया कि कंपनी की ओर से उनकी डिस्ट्रिब्यूटरशिप मंंजूर कर दी गई है। कंपनी की ओर से तय नियमों के तहत उन्हें अब रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर उन्हें 49 हजार 500 रुपये देने होंगे। इसके बाद महिला ने उन्हें अकाउंट्स डिटेल भेजी, जिसमें एशियन पेंट्स लिखा हुआ था। उन्होंने बैंक अकाउंट और आईएफएस कोड के साथ बेनिफिशरी में एशियन पेंट्स लिख दिया और रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद आरोपी महिला की ओर से उन्हें फिर से फोन कर और रकम की मांग की जाने लगी। महिला पर संदेह होने पर जब उन्होंने खाते की जांच की तो पता चला कि यह खाता नंबर एशियन पेंट्स का नहीं बल्कि दिल्ली के रहने वाले किसी प्रिंस का था। संदेह को और पुख्ता करने के लिए उन्होंने कंपनी के रिलेशनशिप मैनेजर से बात की तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। दरअसल कंपनी की ओर से बताया गया कि कंपनी की ओर से ऑफिस आवर्स के बाद किसी को फोन नहीं किया जाता और न ही किसी से फोन पर फीस मांगी जाती है।
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