चंडीगढ़। स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले हजारों लोगों ने वर्षों से मकान का किराया नहीं जमा कराया है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) पिछले एक साल से इन परिवारों को नोटिस जारी कर रहा है लेकिन यह लोग किराया नहीं दे रहे। ऐसे में अब सीएचबी इन मकानों का आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
शहर के विभिन्न हिस्सों में स्मॉल फ्लैट्स के तहत हजारों मकान लोगों को आवंटित किए गए हैं लेकिन बोर्ड के तमाम प्रयासों के बावजूद इन मकानों में रहने वाले लोगों ने अब तक किराया जमा नहीं कराया है। सीएचबी ने वीरवार को ऐसे 100 से ज्यादा परिवारों को आखिरी नोटिस भेजा है, जिनका सबसे ज्यादा किराया बकाया है। सबसे अधिक नोटिस धनास में भेजे गए हैं। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि उन्होंने सभी स्मॉल फ्लैट आवंटियों को 28 फरवरी तक का समय दिया था। लोगों को रेडियो, टीवी, इलाकों में पोस्टर लगा आदि कई तरीकों से जागरूक किया गया और 28 फरवरी तक बकाया किराया जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। लोगों को पैसा जमा कराने के लिए ऑनलाइन, बैंक, संपर्क केंद्र समेत कई विकल्प दिए गए थे लेकिन अब भी कई परिवारों ने किराया जमा नहीं कराया है। ऐसे परिवारों को नोटिस देने का सिलसिला शुरू हो गया है। वीरवार को आखिरी नोटिस भेज दिया गया है। इसके बाद इन परिवारों के मकान के आवंटन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आवंटन रद्द हुआ तो खाली करना पड़ेगा मकान
सीएचबी ने नोटिस भेजकर लोगों को अपनी दलील देने का मौका दिया है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अगर मकान का आवंटन रद्द हो जाता है तो आवंटियों को मकान खाली करना पड़ेगा। चाहकर भी वह मकान में नहीं रह पाएंगे। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, लोगों को पूरा बकाया किराया चुकाना होगा। अगर नहीं जमा कराएंगे तो आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। उनके पास अपीलीय प्राधिकरण के पास जाने का विकल्प होगा। उन्हें पूरा किराया, उसके उपर लगा ब्याज और फिर मकान को बहाल करने की फीस भी चुकानी होगी। इसके बाद ही मकान बहाल हो पाएगा।
फरवरी में लोगों ने जमा कराए 6 करोड़ रुपये, 30 करोड़ अभी भी बकाया
सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि फरवरी के महीने में अब तक सबसे ज्यादा लोगों ने किराया जमा कराया है। विभिन्न माध्यमों से बोर्ड के खाते में छह करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इनमें से 1.32 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए हैं। हालांकि इसके बावजूद भी धनास, विकास नगर, सेक्टर-38वेस्ट, मलोया समेत विभिन्न इलाकों के स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले लोगों पर करीब 30 करोड़ रुपये का किराया बकाया है।