चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में वर्षों से किए गए नीड बेस्ड चेंज को नियमित करने की कवायद अब अहम चरण में पहुंच गई है। सीएचबी की ओर से गठित कमेटी अब अलग-अलग श्रेणी के मकानों की आरडब्ल्यूए से सीधे सुझाव लेगी। इन बैठकों में निवासियों की जरूरत, मौजूदा बदलावों से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतें और नियमितीकरण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। इन्हीं सुझावों के आधार पर कमेटी अपनी सिफारिशों को आगे अंतिम रूप देगी।
सीएचबी ने बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 24 अगस्त को एचआईजी, 25 अगस्त को एमआईजी और 26 अगस्त को एलआईजी फ्लैट्स की आरडब्ल्यूए से सुबह 11 बजे बैठक होगी। 27 अगस्त को सुबह 11 बजे ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स और 11:30 बजे पुनर्वास कॉलोनियों की आरडब्ल्यूए के साथ बैठक होगी। सभी बैठकें सीएचबी के प्रथम तल स्थित बोर्ड रूम में होंगी।
11 मई को बनी थी कमेटी
प्रशासक के निर्देश पर 11 मई 2026 को सीएचबी के सीईओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को सीएचबी के मकानों में किए गए बदलावों की समीक्षा कर यह सिफारिश करनी है कि किन बदलावों को अनुमति या नियमितीकरण दिया जा सकता है। साथ ही संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, रोशनी और वेंटिलेशन जैसे पहलुओं से समझौता न हो, इसका भी ध्यान रखना है।
कमेटी ने इससे पहले विभिन्न सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर सुझाव लिए थे। अब एचआईजी से लेकर ईडब्ल्यूएस और पुनर्वास कॉलोनियों तक अलग-अलग श्रेणियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर प्रक्रिया को और व्यापक किया जा रहा है।
एकमुश्त समाधान की मांग भी उठती रही
नीड बेस्ड चेंज के तहत परिवार की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निर्माण और अन्य बदलावों को नियमित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। कई आरडब्ल्यूए और संगठनों ने एकमुश्त सेटलमेंट के जरिये पुराने मामलों के समाधान का सुझाव भी दिया है। सीएचबी पहले भी इस विषय पर अपनी नीति में कई बार बदलाव कर चुका है।
60 हजार से ज्यादा परिवारों की नजर
नीड बेस्ड चेंज का मुद्दा 60 हजार से अधिक परिवारों से जुड़ा है। ऐसे में 24 से 27 अगस्त तक होने वाली बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरडब्ल्यूए से मिलने वाले सुझावों के बाद कमेटी के लिए ऐसी नीति तैयार करने का रास्ता साफ होगा, जिसमें निवासियों की जरूरत और मकानों की सुरक्षा दोनों के बीच संतुलन रखा जा सके।