हाउसिंग बोर्ड की गवर्निंग बॉडी की बैठक में सीईओ के अधिकारों का बंटवारा कर दिया गया है। अब बड़े फैसले हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन और रूटीन के फैसले सेक्रेटरी लेंगे। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सीईओ कविता सिंह का चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के साथ झगड़ा हो गया था।
इस संबंध में कविता सिंह ने एडवाइजर को शिकायत भी दी थी। इसके बाद कविता सिंह पिछले एक माह से बोर्ड की किसी बैठक में शामिल नहीं हुईं। बैठक में बोर्ड की सीईओ की अनुपस्थिति में पावर चेयरमैन को डेलीगेट करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड में मौजूदा समय में कोई परमानेंट सीईओ नहीं है। सिटको की एमडी कविता सिंह को सीईओ का एडिशनल चार्ज दिया हुआ है।
भर्ती में आयुसीमा 37 साल की
हाउसिंग बोर्ड में भी अब इंप्लाइज की भर्ती की आयु सीमा 37 साल होगी। वीरवार को हुई बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में इंप्लाइज की भर्ती आयु सीमा को प्रशासन की भांति 25 साल से बढ़ाकर 37 साल करने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने हाल ही में नौकरियों में भर्ती की आयु सीमा को बढ़ाया था। बैठक में हाउसिंग बोर्ड के वर्ष 2015 -16 की बैलेंस शीट को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा बैठक में बोर्ड के सदस्याें ने शहर के लिए नई हाउसिंग स्कीम लांच करने की बात कही।
बोर्ड के डायरेक्टर प्रेम कौशिक ने कहा कि बोर्ड को शहर के लोगों के लिए समय समय पर हाउसिंग स्कीम लांच करते रहना चाहिए। बोर्ड शहर के लोगों के लिए एक नई हाउसिंग स्कीम की तैयारी कर रहा है। यह हाउसिंग स्कीम सेक्टर- 53 के लिए लांच की जाएगी। स्कीम में एक बेडरूम से लेकर तीन बेडरूम तक के फ्लैट्स भी है।