चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शुक्रवार को 120 संपत्तियों को बेचने के लिए किए टेंडर की वित्तीय बोली खोली। इसमें बोर्ड कुल चार फ्लैट (फ्री होल्ड) बेचने में सफल रहा है। ये संपत्तियां शहर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। बोर्ड ने 88 व्यावसायिक संपत्तियों (लीज होल्ड) को बेचने के लिए भी टेंडर किया था, लेकिन इनमें किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई।जो चार फ्लैट बिके हैं, इन संपत्तियों का कुल आरक्षित मूल्य 1.88 करोड़ रुपये था, जिनको बेचने से सीएचबी को 1.98 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। संपत्तियों के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को 21 अगस्त तक 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। अगर बोलीदाता की ओर से तय समय के अंदर इसका भुगतान नहीं किया जाता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी (बयाना राशि) जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को सीएचबी की किसी भी संपत्ति के लिए बोली लगाने से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। लीज होल्ड व्यावसायिक संपत्तियों को बोलीदाता नहीं मिल रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि शहर में कलेक्टर रेट्स काफी अधिक है और ये भी लीज होल्ड संपत्तियों के न बिकने का प्रमुख कारण है। बोर्ड लगातार अपनी खाली पड़ी संपत्तियों की ई-टेंडरिंग करने में लगा हुआ है। 18 वर्ष से ऊपर देश के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति इस ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में भाग ले सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए एनआरआई भी बोली लगा सकते हैं। बोर्ड ने कहा है कि जो भी आरक्षित मूल्य तय किया गया है, उसके अनुसार सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले व्यक्ति को ही मकान बेचा जा रहा है।