चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने शहर में करीब 17 हजार स्मॉल फ्लैट्स आवंटित किए हैं। इनमें से कई मकान बिक चुके हैं जबकि ये खरीदे-बेचे नहीं जा सकते। बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सीएचबी ने सर्वे शुरू किया है। रविवार को सीएचबी की टीमों ने सेक्टर-38 वेस्ट में 1120 और सेक्टर-49 में 1024 स्मॉल फ्लैट्स का सर्वे किया।
सीएचबी की टीम एक-एक घर गई और उसमें रहने वाले लोगों की जानकारी ली। हालांकि इस दौरान कुछ मकान बंद भी मिले। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने कहा कि अगले रविवार भी सर्वे जारी रहा। इससे पहले रामदरबार, औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और सेक्टर-56 में सर्वे किया गया था। टीम के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद टीमें अपनी रिपोर्ट बनाकर सौंपेंगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड की तरफ से रविवार को ही सर्वे कराया जा रहा है ताकि छुट्टी की वजह से लोग घर पर मिलें। बोर्ड का कहना है कि ऐसे सभी मकानों का आवंटन रद्द किया जा सकता है जिन्हें आगे बेच दिया गया है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है। सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के समय जो भी व्यक्ति मकान में रह रहा होगा, उसे मकान का आवंटन पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर घर में आवंटी मौजूद नहीं होगा तो परिवार का अन्य कोई सदस्य भी दस्तावेजों को दिखा सकता है। हालांकि उसे आवंटी के साथ अपने रिश्ते का सबूत दिखाना होगा।