चंडीगढ़। सेक्टर-52 की टीन शेड कॉलोनी में रहने वाले 348 लोगों को मलोया में मकान देने के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने सेक्टर-52 की कॉलोनी को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए करीब 60 मकानों को तोड़ दिया। यह सभी मकान खाली हो गए हैं और इनमें रहने वाले अब मलोया में रहना शुरू कर चुके है। बावजूद इसके कार्रवाई के दौरान सेक्टर-52 में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार बोर्ड की तरफ से अगले कुछ दिनों तक ये कार्रवाई जारी रहेगी। इस संबंध में सीएचबी के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-52 में 280 के करीब मकान खाली करवा लिए गए हैं, जिसमें से करीब 68 मकान गिरा दिए गए हैं। शुक्रवार को भी बोर्ड की तरफ से 8 मकानों को गिराया गया था। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर-52 और 56 के टीन शेड कॉलोनी में रहने वाले लोगों को मलोया में 3000 रुपये प्रति महीने किराए पर ये फ्लैट्स दिए हैं। सेक्टर-56 के अधिकतर मकानों को पहले ही बोर्ड गिरा चुका है। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने बीते दिनों पहला ड्रा निकाला था, जिसमें 352 लोगों को फ्लैट नंबर जारी किए गए थे। इसके बाद इन 352 लोगों को अलॉटमेंट लेटर जारी किए गए थे। इनमें से 348 लोग फ्लैट की चाबी लेने पहुंचे थे। इसके लिए मलोया में चार दिन का शिविर लगाया गया था। मकान की चाबी देने के बाद लोगों को 3 दिन का समय दिया गया है, ताकि वह अपने पुराने घर को खाली कर सकें। जिन लोगों को फ्लैट मिला है, उनसे 4000 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए गए हैं। इसमें से 3000 रुपये एक महीने का किराया और 500-500 रुपये बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी के तौर पर लिए गए हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कांप्लेक्स योजना के तहत बोर्ड ने टीन शेड कॉलोनी के लोगों को मलोया में स्मॉल फ्लैट्स दिए हैं।