चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) करीब छह साल बाद शहरवासियों के लिए स्व-वित्तपोषित आवासीय योजना-2023 लाने जा रहा है। मंगलवार को सीएचबी की 428वीं निदेशक मंडल की बैठक में इस योजना के फ्लैट्स की कीमतों को मंजूरी दे दी गई। साथ ही सेक्टर-63 के 2108 फ्लैट्स को सीएचबी ने लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने का फैसला लिया। इससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी।प्रशासक के सलाहकार कम चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन धर्मपाल की अध्यक्षता में मंगलवार को निदेशक मंडल की बैठक हुई। वर्ष 2016 में हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-51 में 200 फ्लैट्स की योजना लेकर आया था। इसके बाद वर्ष 2019 में सेक्टर-53 में आवासीय योजना लाने की कोशिश की गई थी लेकिन लोगों ने खास रुचि नहीं दिखाई जिसके बाद अब सीएचबी सेक्टर-53 में ही स्व-वित्तपोषित आवासीय योजना (फ्री होल्ड) लाने जा रहा है।
आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, टू बीएचके और थ्री बीएचके के कुल 372 फ्लैट्स बनाए जाएंगे। योजना में वन बीएचके फ्लैट नहीं होंगे। थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 1.65 करोड़ रुपये तय की गई है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इसी महीने के अंत तक इस योजना को लांच कर दिया जाएगा और लोग फ्लैट्स के ड्रॉ के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
जिन लोगों को आवेदन करने में समस्या आएगी, उनके लिए सीएचबी परिसर में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा। लोगों को आवेदन करने के दौरान दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। हाउसिंग बोर्ड सिर्फ उन्हीं लोगों से दस्तावेज मांगेगा, जो ड्रॉ में सफल होंगे। तय हुआ है कि स्वीकृति-सह-मांग पत्र (एसीडीएल) जारी होने की तारीख से 12 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से ब्याज सहित पांच समान किस्तों (प्रत्येक छह महीने में) में फ्लैट की लागत वसूल की जाएगी। सेक्टर-53 में ही फोर बीएचके फ्लैट्स बनाने की भी योजना थी लेकिन इस प्रस्ताव को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है।
फ्लैट्स की कीमत
फ्लैट श्रेणी
फ्लैट्स की संख्या
कीमत
बयाना राशि
ईडब्ल्यूएस (दो बेडरूम)
80
55 लाख
एक लाख
टू बीएचके 100
1.40 करोड़ दो लाख
थ्री बीएचके 192
1.65 करोड़ तीन लाख
सेक्टर-63 के 2108 फ्लैट्स होंगे फ्री होल्ड
बैठक में फैसला लिया गया है कि सामान्य स्व वित्तपोषित आवास योजना-2008 के तहत सेक्टर-63 में जिन लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं। अब वह अपने मकानों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन की कन्वर्जन योजना के तहत शुल्क देना होगा। बोर्ड के इस फैसले का लाभ 2108 फ्लैट के मालिकों को होगा। पिछले काफी समय से इन मकानों में रहने वाले लोग फ्री होल्ड की मांग कर रहे थे। माना जा रहा है कि फ्री होल्ड करने से इन फ्लैट्स के दाम भी बढ़ जाएंगे।
लिफ्ट के लिए अब आर्किटेक्ट्स के नहीं काटने होंगे चक्कर
सीएचबी के चेयरमैन धर्मपाल ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह चंडीगढ़ प्रशासन के आर्किटेक्ट विंग के परामर्श से सीएचबी द्वारा निर्मित बहु-मंजिला आवास इकाइयों में लिफ्ट के लिए मानक डिजाइन तैयार करें। यह आवंटियों को विभिन्न अनुमोदन की प्रक्रिया से गुजरने से बचाएगा और वे हाल ही में लागू किए गए आवश्यकता आधारित परिवर्तनों का लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि बोर्ड ने सहमति से लिफ्ट लगाने की इजाजत तो दे दी है, लेकिन डिजाइन ल मंजूरी के लिए लोगों को आर्किटेक्ट्स व विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। मानक डिजाइन बनने के बाद लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी।
सीएचबी के अधिकारियों की वित्तीय शक्ति बढ़ाई
बोर्ड ने सीएचबी के अधिकारियों की वित्तीय शक्ति बढ़ा दी है। चेयरमैन की वित्तीय शक्ति को 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये, मुख्य कार्यकारी अधिकारी की वित्तीय शक्ति को 25 से 50 लाख, सीएचबी सचिव की 20 हजार से 50 हजार, मुख्य अभियंताकी 20 हजार से 50 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को पांच हजार रुपये की वित्तीय शक्ति दी गई है। इनके पास अभी फिलहाल कोई वित्तीय शक्ति नहीं है।