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Chandigarh News: तीस चयनित अभ्यर्थी नहीं पहुंचे नियुक्ति लेने, मांगा है एक्सटेंशन, उठ रहे सवाल

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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के मामले में एक्सटेंशन लेने वाले 30 चयनित अभ्यर्थियों की अब तक जांच न होने पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि उनके चेहरे पहचानने बेहद जरूरी हैं, इसलिए सभी को बुलाकर मानक के अनुसार परीक्षा कक्ष में हुई वीडियो रिकार्डिंग से उनके चेहरे का मिलान किया जाए, क्योंकि एक साथ 30 चयनित चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति के लिए नहीं आना संदेह पैदा कर रहा है।चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रशासन भी मानकों की अनदेखी कर अब तक इनकी जांच से बच रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर उन सभी 30 अभ्यर्थियों को जांच के लिए बुलाया गया तो काफी लोग नहीं आएंगे इसलिए इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। हालांकि मामले में प्रशासक के सलाहकार बेहद गंभीर हैं। वह जांच संबंधी प्रगति रिपोर्ट लगातार ले रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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वहीं, दूसरी तरफ यह बात भी बेहद गंभीर है कि पेपर लेकर भागने की जानकारी के बावजूद अब तक उस पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की गई। अगर परीक्षा दिलाने की जिम्मेदारी पीयू की थी तो उसको इस लापरवाही पर जिम्मेदार ठहराते हुए जवाब तलब क्यों नहीं किया गया। एक के बाद एक अनदेखी मामले में उच्चाधिकारियों को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग के अनुसार, चयनित 182 अभ्यर्थियों में से 30 ने एक्स्टेंशन ले लिया है। वह नौकरी ज्वॉइन करने नहीं आ रहे हैं, जबकि मानकों पर गौर करें तो नियुक्ति के बाद इतने ज्यादा दिनों तक एक्स्टेंशन देने का प्रावधान सभी केस में नहीं दिया जा सकता। मामले को लेकर जीएमसीएच 32 समेत पीजीआई और स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज है। हर जगह यही चर्चा है कि मामले में एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आ रही है, उसके बावजूद अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर दोबारा गठित की गई जांच कमेटी के बारे में भी जानकारी नहीं दी जा रही है।
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परीक्षा के पेपर वायरल होने तक
- 28 अगस्त को सुबह 11 से एक बजे तक हुई परीक्षा
- 28 अगस्त की दोपहर 1 बजकर 53 मिनट पर पेपर हो गया वायरल
- जीएमसीएच 32 के ऑफिशियल वेबसाइट पर 30 अगस्त को सुबह 9 बजे पेपर किया गया अपलोड

जीएमसीएच -32 के नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली के मामले पर मेरी नजर है। इस संबंध में मैं लगातार स्वास्थ्य सचिव से अपडेट ले रहा हूं। अगर कंप्यूटर सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़े की भी शिकायत सामने आ रही है तो उसकी भी बिंदुवार जांच करवाई जाएगी। एक भी दोषी बच नहीं पाएगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-धर्मपाल, सलाहकार, चंडीगढ़ प्रशासक
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