चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने बीते कई महीनों व वर्षों से रेंट जमा नहीं करने वाले लोगों की सूची तैयार की है। सीएचबी की सूची में 12,468 अलॉटी डिफॉल्टर पाए गए हैं।
सीएचबी ने स्मॉल फ्लैट स्कीम-2006 के तहत सेक्टर-38 वेस्ट, 49, 56, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1, मौलीजागरां, मलोया और रामदरबार में लोगों को घर अलाॅट किए थे। इन स्माॅल फ्लैट्स के एवज में किराया तय किया गया है लेकिन कई सालों से अलाॅटी रेंट जमा नहीं करा रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड अब इन डिफॉल्टरों पर सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। इन लाइसेंसी को बकाया रेंट जमा कराने का नोटिस भेजा जा रहा है। अगर नोटिस में बताए समय पर बकाया रेंट नहीं जमा किया गया तो बोर्ड इन मकानों की अलॉटमेंट रद्द करने को लेकर जल्द फैसला लेगा। चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद ने इस संदर्भ में बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
स्मॉल फ्लैट स्कीम के तहत जिन लोगों को झुग्गी-झोपड़ी या कॉलोनियों से निकालकर पक्के मकानों में बसाया गया, उसके एवज में अलॉटी से बोर्ड महीने का 800 रुपये किराया लेता है। 12,468 डिफॉल्टर लंबे अरसे से किराया बोर्ड को जमा नहीं करा रहे हैं। बीते कई वर्षों में बोर्ड अलॉट किए मकानों को आगे बेचने या किराये न देने पर 86 से ज्यादा मकानों की अलॉटमेंट रद्द कर चुका है। अब बकाया किराया जमा नहीं करने पर बोर्ड अलॉटमेंट रद्द करने को लेकर सख्त कदम उठाने जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य स्कीम किफायती किराया आवास योजना के तहत बोर्ड ने शहर में 2100 से ज्यादा मकान रेंट पर दिए हैं लेकिन इनमें से भी 1708 लाइसेंसी या अलॉटियों ने अपना किराया जमा नहीं कराया है।