जींद रैली में बीरेंद्र सिंह ने अपने चिरपरिचित अंदाज में अमित शाह को भी दो टूक शब्दों में कह दिया कि वे अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। कांग्रेस में भी उन्होंने इसी का भुगता है। उन्होंने कहा कि गांवों के लोग अभिमानी नहीं है, लेकिन स्वाभिमानी हैं। जब भी उनके स्वाभिमान को किसी ने ठेस पहुंचाई है, उसे बक्शा नहीं।
उत्तर हरियाणा के विकास का गणित
बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा किए विकास का गणित बताते हुए कहा कि उत्तर हरियाणा जिसमें जींद, कैथल, पानीपत, पंचकुला, अंबाला सहित आठ जिले आते हैं। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि यहां कोई बड़ा शिक्षा या स्वास्थ्य का केंद्र खोला हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल जमीन की सौदेबाजी की है। किसान से एक एकड़ आठ लाख में लेकर 86 करोड़ रुपये में बेची जाती है।
बीरेंद्र सिंह के आने से पार्टी मजबूत होगी
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने 42 साल कांग्रेस में बिताए हैं। हमेशा पार्टी के फायदे के लिए काम किया, लेकिन उनके साथ बहुत धोखे हुए हैं। इसके चलते मीडिया ने उन्हें ट्रेजडी किंग कहना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी तुलना अभिनेता दिलीप कुमार से कर डाली। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष की उम्र में राजनीति शुरू कर 11 चुनाव लड़े लेकिन कभी दूसरी पार्टी की ओर नहीं देखा।
नई परिस्थितियों में व्यक्ति को अहम फैसले लेने पड़ते हैं। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने भी कहा कि बीरेंद्र सिंह के आने से पार्टी मजबूत होगी। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों में प्रदेश नंबर एक पर है।
बीरेंद्र सिंह की जुबां पर आई ‘ट्रेजडी’
हरियाणा की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले बीरेंद्र सिंह स्वयं के साथ हुई राजनीतिक ट्रेजडी को भुला नहीं पा रहे हैं। 2009 में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के हाथों मिली हार आज भी उन्हें सता रही है। इससे भी अधिक दर्द पार्टी में हुई उपेक्षा का है। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में मंच पर बीरेद्रं सिंह इस दर्द को छिपा नहीं सके। इशारों ही इशारों में बीरेंद्र सिंह ने (लांग रोप) अधिक शक्तियां यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग कर डाली।
प्रधानमंत्री हैं बदलाव के प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे बदलाव के प्रतीक हैं। 24 साल बाद किसी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिला है। यह बदलाव है।
हुड्डा के अहंकार से पार्टी में मची भगदड़
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री में बहुत अहंकार है। यही कारण है कि आज कांग्रेस पार्टी में भगदड़ मची हुई है। अब प्रदेश की जनता बदलाव और क्षेत्रवाद की राजनीति से छुटकारा चाहती है। चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि जब वे राजनीति में आए, उनके पास 70 एकड़ जमीन थी, जो अब महज 56 एकड़ रह गई है। इसके विपरीत हुड्डा साहब ने 60 हजार एकड़ जमीन रफादफा कर दी।
‘हरियाणवी अभिमानी नहीं स्वाभिमानी हैं’
रैली के दौरान बीरेंद्र सिंह ने अमित शाह को कहा कि हरियाणा के लोग अभिमानी नहीं है, लेकिन स्वाभिमानी जरूर हैं। इसलिए उनके लिए काम होना चाहिए। बीरेंद्र सिंह ने मांग की कि हरियाणा के लोगों को एसवाईएल का पानी दिलवाया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दो बांध बनाने की जरूरत है।
यह बहुत पुरानी परियोजना है। अब केंद्र में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार है, ऐसे में दोनों बांध बनवाए जाएं। इसके बाद हरियाणा के युवाओं को नौकरी के लिए एमएलए के पास चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हुड्डा को भी ले आऊंगा भाजपा में
बीरेंद्र सिंह ने अमित शाह से कहा कि यदि उन्हें कुछ बड़ा रोल दे दिया जाए तो वे काफी लोगों को भाजपा में ले आएंगे। उन्होंने कहा कि हुड्डा को भी पार्टी में ले आऊंगा। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में ऐसे करीब 17 हजार लोग हैं, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
प्रदेश से समाप्त हो ‘कलह’
भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने कहा कि प्रदेश को कलह से मुक्ति दिलवानी है। उन्होंने कहा कि ‘क’ कांग्रेस, ‘ल’ लोकदल और ‘ह’ से हजकां। उनके इस बयान के साथ ही प्रदेश में भाजपा-हजकां गठबंधन का भविष्य भी साफ हो गया है।
इन्होंने थाना भाजपा का दामन
1. सुलतान सिंह जडौला, मुख्य संसदीय सचिव और विधायक (पुंडरी)
2. बृजमोहन सिंगला, पूर्व मंत्री
3. कुलबीर मलिक, पूर्व उपाध्यक्ष हरियाणा विधानसभा
4. रामकिशन बैगारी, पूर्व मंत्री
5. सत्यनारयण लाठर, पूर्व मंत्री
6. वेद सिंह मलिक, पूर्व मंत्री
7. कवंल सिंह पूर्व विधायक
8. श्रीभगवान, पूर्व विधायक
9. भूपेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक
10 ओमप्रकाश बेरी पूर्व विधायक
11.योगेश शर्मा पूर्व विधायक
12. सतबीर मलिक पूर्व मंत्री
13 सुदेश चौधरी महासचिव महिला विंग इनेलो