सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत द्वारा 17 जनवरी को सुनाई गई सजा के खिलाफ डेरामुखी गुरमीत सिंह राम रहीम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील हाईकोर्ट ने एडमिट कर ली है और जुर्माना राशि पर रोक लगा दी है।
पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 जनवरी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम के अलावा कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को दोषी करार दे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस सजा के साथ ही सभी पर 50-50 हजार जुर्माना भी लगाया था। छत्रपति रामचंद्र ने मई 2002 में अपने समाचार पत्र में डेरामुखी पर डेरे में साध्वियों के यौन शोषण को लेकर समाचार प्रकाशित किया था।
इसी के बाद छत्रपति को धमकियां मिलनी शुरू हो गयी थीं। दो साध्वियों ने इस मामले को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री सहित पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस को पत्र भी लिखा था। इसी पत्र को छत्रपति ने अपने समाचार पत्र में प्रकाशित किया था। हाईकोर्ट ने साध्वियों के इसी पत्र को संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
इसके बाद अक्तूबर 2002 में छत्रपति को उनके घर के बाहर गोलियों से छलनी कर दिया गया था। इसके 28 दिनों बाद दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में छत्रपति की मृत्यु हो गई थी। जिन साध्वियों के यौन शोषण के मामले में छत्रपति ने अपने समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित किया था, उन साध्वियों के यौन शोषण केस में सीबीआई कोर्ट वर्ष 2017 में ही डेरामुखी को 20 वर्ष की सजा सुना चुका है।