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टीजीटी घोटाला: शैलेश और शिव बहादुर के खिलाफ 1000 पेज की चार्जशीट दायर

Thu, 04 Jan 2018 09:46 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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गिरफ्तार - फोटो : gettty
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जेबीटी-टीजीटी टीचर भर्ती घोटाले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने टीजीटी भर्ती घोटाले में जिला अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। पुलिस ने खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद निवासी शैलेश सिंह और वाराणसी उत्तर प्रदेश निवासी शिव बहादुर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत एक हजार से अधिक पेज की चार्जशीट दायर की है।
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वहीं घोटाले के मास्टर माइंड लखनऊ निवासी संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडे उर्फ गुरुजी ने पुलिस द्वारा तय समय में चार्जशीट दायर न करने का फायदा उठाते हुए जिला अदालत से सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत जमानत ले ली थी। पिछले साल 7 अक्तूबर को जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था, लेकिन बाद में वह हाईकोर्ट में पेश हो गया था। उसके खिलाफ पुलिस सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर करेगी। फिलहाल केस की जांच अभी चल रही है।

चार्जशीट में शैलेश और शिव बहादुर के खिलाफ 18 गवाह बनाए हैं। गवाहों में जांच टीम के सदस्यों के अलावा अन्य पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर एसआई और हेड कांस्टेबल भी शामिल हैं। वहीं दोनों के बैंक खातों में हुए लाखों के लेन-देन को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने एसबीआई और पीएनबी बैंक के कर्मियों को भी गवाह बनाया है।
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चार्जशीट के मुताबिक शैलेश के वाराणसी स्थित एसबीआई ब्रांच में 39,43,52 और पीएनबी शाखा में 21,25,300 रुपये ट्रांसफर हुए थे। शैलेश ने ही दिल्ली के मायापुरी स्थित गुलाब प्रिंटिंग प्रेस से जेबीटी और टीजीटी के पेपर लीक करवाए थे। इसकी एवज में संजय श्रीवास्तव उर्फ गुरुजी ने उसे 65 लाख रुपये दिए थे। वहीं वाराणसी निवासी कमलेश कुमार ने शैलेश को पेपर मुहैया कराने की एवज में वाराणसी में उसे एक मकान का ग्राउंड और टॉप फ्लोर उसके नाम पर ट्रांसफर किया था।

शैलेश के खिलाफ 6 तो शिव बहादुर के खिलाफ 7 एफआईआर हैं दर्ज

गिरफ्तार - फोटो : file photo
एजुकेशन डिपार्टमेंट और पीयू के अधिकारी भी बनाए गवाह 
पुलिस के गवाहों के अलावा जो सबसे अहम गवाह हैं उनमें एजुकेशन डिपार्टमेंट और पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंस चंडीगढ़ के चीफ कंट्रोलर आरके शर्मा को भी गवाह बनाया है। इसके अलावा एजुकेशन डिपार्टमेंट से डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के रजिस्ट्रार जसवीर सिंह को भी गवाह बनाया है। वहीं दिल्ली स्थित जिस प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक हुए थे उसके 1-2 कर्मियों को भी गवाह बनाया गया है।

जेबीटी घोटाले में मिल चुकी है जमानत
जेबीटी भर्ती घोटाले में 90 दिन में चालान दाखिल न करने को आधार बनाते हुए घोटाले के मास्टरमाइंड संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडे उर्फ गुरुजी, शैलेश सिंह और शिव बहादुर को जिला अदालत से जमानत मिल चुकी है। गुरुजी व्यापम घोटाले, तेलंगाना में 2016 में पेपर लीक, चीट फंड घोटाले में भी मुख्य आरोपी है। 

शैलेश के खिलाफ 6 तो शिव बहादुर के खिलाफ 7 एफआईआर हैं दर्ज
चार्जशीट में पुलिस ने शैलेश और शिव बहादुर के खिलाफ अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर की भी जानकारी दी है। शैलेश के खिलाफ जहां चार एफआईआर पंजाब में तो वहीं एक-एक हरियाणा और चंडीगढ़ में दर्ज हैं।

चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर जेबीटी घोटाले की है। वहीं शिव बहादुर के खिलाफ टीजीटी घोटाले के अलावा चार पंजाब, एक उत्तर प्रदेश, एक हैदराबाद और एक चंडीगढ़ में भी दर्ज है। सभी एफआईआर पेपर लीक से संबंधित हैं। शिव बहादुर के खिलाफ उत्तर प्रदेश में दर्ज एफआईआर रेलवे पेपर लीक से संबंधित हैं। इसके अलावा इसके तार व्यापम घोटाले से भी जुड़े रहे हैं।
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यह है मामला

arrest - फोटो : demo
पेपर लीक करके देने वाले प्रिंटिंग प्रेस कर्मी की हो चुकी है मौत
चार्जशीट के मुताबिक नई दिल्ली में मायापुरी स्थित गुलाब हाउस की जिस प्रिंटिंग प्रेस से टीजीटी-जेबीटी के पेपर लीक हुए थे। वहां से पेपर लीक करने वाले प्रिंटिंग प्रेस कर्मी रहे रणबीर सिंह रावत की मौत हो चुकी है। पुलिस ने उसके डेथ सर्टिफिकेट को भी चालान का हिस्सा बनाया है। वहीं प्रिंटिंग प्रेस के अन्य कर्मियों को गवाह बनाया है। 

यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद पंजाब विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है।

इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया था। यूटी पुलिस ने पिछले साल 29 जुलाई को इस मामले में केस दर्ज किया था। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था।

इसके बाद पुलिस टीम ने एक नवंबर को सह आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसआईटी ने कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें कई सरकारी स्कूलों में टीचर भी शामिल हैं। 17 मई को पंजाब पुलिस ने तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडे और शिव बहादुर को गिरफ्तार किया था।
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