1.3 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को जिला अदालत में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। सीबीआई ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि चार्जशीट सात लोगों के खिलाफ दायर की गई है। सात लोगों में महेश चंद शर्मा (डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर), विवेक नाइक (इंफोर्समेंट लेबर अफसर), गुरमीत सिद्धू, (बिचौलिया), मुनीष गर्ग (बिचौलिया), अखंड राज सिंह नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी और दो प्राइवेट कर्मचारी इंद्रजीत सिंह बाथ व लखविंदर सिंह शामिल हैं।
आईपीसी की धारा 7 (लोक सेवक को रिश्वत दिए जाने से संबंधित अपराध), 7ए (भ्रष्टाचार या अवैध साधनों से सार्वजनिक सेवक को प्रभावित करने का अनुचित लाभ उठाना) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 120 बी के तहत आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।
बता दें कि 30 मई 2019 को सीबीआई को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित केंद्रीय सदन मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लायमेंट कार्यालय के डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर महेश चंद शर्मा और लेबर इंफोर्समेंट अफसर विवेक नाइक कुछ लोगों के साथ मिलकर बठिंडा स्थित निजी कंपनियों से लेबर लॉ और ईपीएफ को लेकर उनसे महीने के हिसाब से पैसे लेते हैं। इसके बाद सीबीआई ने लेबर अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों को पंचकूला के सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया था। उस समय सभी आरोपियों को सीबीआई ने गिरफ्तार कर पांच-पांच दिन का रिमांड लिया था।