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भ्रष्टाचार मामला: पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल, दो फीसदी कमीशन मांगने का आरोप

Tue, 26 Jul 2022 10:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला पर स्वास्थ्य विभाग के 58 करोड़ के निर्माण कार्य में एक फीसदी कमीशन मांगने का आरोप है। उन पर केस पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के निगरान इंजीनियर राजिंदर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
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डॉ. विजय सिंगला (सफेद शर्ट में) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
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भ्रष्टाचार मामले में पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं विधायक डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को मोहाली की अदालत में आरोप पत्र दायर किया है। दो महीने और दो दिन के भीतर आरोप पत्र दायर किया गया। इसमें पुलिस ने सारे पुख्ता सबूत और दस्तावेज जुटाए हैं, ताकि अदालत में केस कमजोर न पड़ सके। जल्दी ही मामले में आरोप तय होंगे। इसके बाद केस का नियमित ट्रायल शुरू हो जाएगा।

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पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के भ्रष्टाचार का खुलासा सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर किया था। इसके बाद डॉ. विजय सिंगला और उनके ओएसडी प्रदीप कुमार के खिलाफ मोहाली के फेज-आठ थाने में 24 मई को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। डॉ. सिंगला पर स्वास्थ्य विभाग के 58 करोड़ के निर्माण कार्य में एक फीसदी कमीशन मांगने का आरोप है। उन पर केस पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के निगरान इंजीनियर राजिंदर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 

राजिंदर सिंह ने बताया था कि वह पंजाब हेल्थ सिस्टम में डेपुटेशन पर बतौर निगरान इंजीनियर तैनात थे। एक महीना पहले उनके पास स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला के ओएसडी प्रदीप कुमार का फोन आया। उन्होंने मुझे पंजाब भवन में बुलाया। जब वह वहां पर पहुंचा तो मंत्री ने कहा था कि वह जल्दी में है। वह सारी बात प्रदीप से कर लें। प्रदीप की बात को समझ लेना कि मैं ही कह रहा हूं। प्रदीप ने उससे 58 करोड़ के काम में दो फीसदी कमीशन मांगी, जो कि एक करोड़ 16 लाख रुपये बनती थी लेकिन उन्होंने हाथ खड़े कर दिए थे। 
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जब 20 मई को उन्हें लगा कि बात सिरे नहीं चढ़ रही है तो उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये दे देना। साथ ही आगे से प्रत्येक टेंडर पर एक फीसदी कमीशन दे देना लेकिन सौदा पांच लाख में तय हुआ था। उन्होंने अपनी सारी बात सीएम को बता दी थी। इसके बाद सीएम के आदेश पर कार्रवाई हुई। याद रहे कि पंजाब में यह पहली बार हुआ था कि जब भ्रष्टाचार के आरोप में अपने ही मंत्री को बर्खास्त किया हो।

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