चंडीगढ़। जिला अदालत परिसर में पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पूर्व एआईजी पर आरोप है कि अपने दामाद हरप्रीत सिंह पारिवारिक न्यायालय में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
हरप्रीत सिंह (34) भारतीय सिविल अकाउंट सर्विसेज (आईसीएएस) में अधिकारी थे। उनकी पोस्टिंग नई दिल्ली स्थित कृषि मंत्रालय में कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स के पद पर थी। चंडीगढ़ स्थित जिला अदालत के सर्विस ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर मीडिएशन सेंटर के कॉरिडोर में बीते तीन अगस्त की दोपहर को हरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें पेट और कमर के निचले हिस्से में गोली लगी। हरप्रीत सिंह को एक वकील की गाड़ी में पीजीआई ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में हरप्रीत की मां ने अपने एक रिश्तेदार पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था लेकिन जांच में रिश्तेदार की कोई भूमिका सामने नहीं आई थी। इस केस में सेक्टर-36 थाना पुलिस ने पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ केस दर्ज कर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद की थी।
बता दें कि हरप्रीत सिंह की पत्नी और मालविंदर सिंह सिद्धू की बेटी अमितोज के बीच तलाक का केस जिला अदालत में पेंडिंग था। मीडिएशन सेंटर में केस की सुनवाई चल रही थी। अमितोज कनाडा में थी और उसकी तरफ से मालविंदर सिंह सिद्धू सुनवाई के लिए पहुंचे थे। अमितोज और हरप्रीत सिंह की शादी जुलाई 2020 में हुई थी। अमितोज ने हरप्रीत सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज करवाया था। इसे लेकर जनवरी, 2021 में कुछ समय तक हरप्रीत सिंह सस्पेंड भी रहे थे। हरप्रीत सिंह ने मानसिक और शारीरिक क्रूरता के आरोप के तहत 2023 में तलाक का केस दायर किया था। हरप्रीत सिंह का आरोप था कि मालविंदर सिंह सिद्धू ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर उसे गिरफ्तार करवाया था और उसका शोषण किया जा रहा था।