चंडीगढ़। चर्चित ऑडी-टवेरा सड़क हादसे मामले में जिला अदालत ने वीरवार को तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। यह आरोप पंचकूला निवासी रजत कपूर, मोहाली निवासी त्रिविक्रम सिंह और खरड़ निवासी गुरप्रीत सिंह केेेे खिलाफ तय किए गए हैं। वहीं, सेक्टर-9 निवासी प्रभजीत और ढकोली निवासी हरसिमरनजीत सिंह को अदालत ने मामले से मुक्त कर दिया हैै।
सुनवाई केेेे दौरान अभियोजन पक्ष केेे वकील ने कहा कि प्रभजीत और हरसिमरनजीत सिंह ने हादसे के समय मुख्य आरोपी को उकसानेे का काम किया था। इस पर बचाव पक्ष के वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि दोनों के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं हैं। उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। कॉल रिकॉर्ड के आधार पर कुछ भी साबित नहीं हो पाया है। कॉल रिकॉर्ड सबूतों का हिस्सा भी नहीं है। बिना रिकॉर्ड के आरोपी सात साल से कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं इसीलिए उन्हें मामले से मुक्त किया जाए। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने प्रभजीत और हरसिमरनजीत को मामले से बाहर कर दिया। साथ ही अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 20, 201, 279, 338, 304 (2), और 357 के तहत आरोप तय कर दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
यह है मामला
सेक्टर-17 थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 23 जुलाई 2013 को वैशाली (गाजियाबाद) निवासी संजीव रस्तोगी, साहिल, रौनक और कुलदीप हिमाचल प्रदेश के धर्मपुर से टवेरा टैक्सी कर चंडीगढ़ आए थे। चंडीगढ़ सेक्टर-17 से उन्हें नई दिल्ली के लिए बस पकड़नी थी। सभी टवेरा चालक हस्त बहादुर के साथ चंडीगढ़ पहुंचे। जैसे ही सभी युवक करीब पौने एक बजे आईएसबीटी के पास सेक्टर-18 की रोड पर पहुंचे तो सेक्टर-17 की ओर से आ रही तेज रफ्तार एक ऑडी कार डिवाइडर पर लगे पोल को तोड़ती हुई आई और उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। ऑडी कार की टक्कर से दोनों कार सवार युवकों को गंभीर चोर्टें आइं। वहीं, टवेरा के ड्राइवर हस्त बहादुर और उसमें सवार गाजियाबाद निवासी साहिल और कुलदीप की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।