मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के जरिए लोगों से पैसे ठगने के मामले में आरोपी एमवे इंडिया कंपनी के सीईओ विलियम स्कॉट पिंकले और डायरेक्टर पृथ्वी राज बिजलानी के खिलाफ जिला अदालत ने बुधवार को धोखाधड़ी, 3, 4 प्राइज चिट और मनी सर्कुलेशन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम (पीसीएमसीएस) के तहत आरोप तय कर दिए। 15 साल पुराने मामले में 2012 में चालान पेश होने के बाद अब केस का ट्रायल शुरू होगा। वहीं मामले में तीसरे आरोपी डायरेक्टर स्टीफन विलियम बेडर को अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
वर्ष 2002 में चंडीगढ़ निवासी रमेश दूबे, नरेंद्र कुमार, इंदरजीत कौर समेत आठ लोगों ने सेक्टर-26 थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि एमवे कंपनी ने उनसे एमएलएम के नाम पर मेंबर बनाने के नाम पर 4400 रुपये प्रति व्यक्ति लिए। इसके बाद उनसे और मेंबर जोड़ने को कहा गया। बदले में उन्हें कमीशन देने की भी बात कही गई। इसके बाद आरोपियों की ओर से न तो उन्हें कमीशन दिया गया और न ही कंपनी को दिए गए पैसे उन्होंने लौटाए।
सरकारी वकील मनजिंदर सिंह ने सीजेएम कोर्ट को बताया कि मामला 2002 का है और पुलिस ने इसमें 2012 में तीन चालान पेश किए थे। इसके बाद इसी साल 7 जनवरी को अदालत ने इस पर आरोप तय करने का फैसला लिया। इसके लिए सीजेएम कोर्ट ने बुधवार का दिन तय किया था। बुधवार को अदालत ने एमवे इंडिया कंपनी के सीईओ विलियम स्कॉट पिंकले और डायरेक्टर पृथ्वी राज बिजलानी के खिलाफ उक्त धाराओं में आरोप तय कर दिए।
बता दें कि एमवे इंडिया कंपनी के सीईओ विलियम स्कॉट पिंकले, डायरेक्टर पृथ्वी राज बिजलानी और स्टीफन विलियम बेडर के खिलाफ देश के कई राज्यों में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। इनके खिलाफ हैदराबाद, गुरुग्राम, कुरनूल (आंध्र प्रदेश) समेत देशभर में धोखाधड़ी, 3, 4 प्राइज चिट और मनी सर्कुलेशन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम (पीसीएमसीएस) के केस दर्ज हैं। हैदराबाद पुलिस ने मई 2014 में सीईओ विलियम स्कॉट को गिरफ्तार किया था।