चंडीगढ़। पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस का बेड़ा पार लगाएंगे। यह इसलिए कहा जा रहा है कि उन्होंने खुद कांग्रेस के गिरते जनाधार के कारणों व उसके सुधार विषय पर शोध कार्य किया है। हालांकि शोध का काम अंतिम चरण में हैं लेकिन 95 फीसदी पूरा हो चुका। निष्कर्ष शोध का निकल आया है।
पीयू के राजनीतिक विज्ञान विभाग के शिक्षक के अधीन वह शोध कार्य कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने वर्ष 2017 में पीयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा दी थी, लेकिन उसमें पास नहीं हो पाए। उस दौरान आरोप ये भी लगे थे कि उनके कारण एससी-एसटी के पीएचडी मानकों में ढील दी गई थी। खैर, उनकी पीएचडी अंतिम चरण में हैं। जानकारों का कहना है कि किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए पहले जांच होती है। उसी तरह कांग्रेस के गिरते जनाधार का इलाज सीएम चन्नी ने अपने शोध के जरिए किया है। अब इसे धरातल पर उतराने की जरूरत है। अब उनकी यह दोहरी जिम्मेदारी हो गई। एक सीएम का दायित्व और दूसरा अपने शोध को धरातल पर उतारकर कांग्रेस को मजबूत दें।