मान ने कहा कि चन्नी गुरुद्वारा साहिब जाकर सफाई देने लगते हैं। अच्छा होगा कि वह एक बार फिर अपने भतीजे से पूछ लें कि क्या उसने नौकरी के लिए पैसे मांगे थे? वहीं, जसइंदर ने मान के आरोपों का समर्थन किया और दावा किया कि मैंने मुख्यमंत्री को यह जानकारी उस समय दी थी, जब वह हिमाचल में आईपीएल का मैच देखने पहुंचे थे। बता दें कि जसइंदर सिंह आईपीएल में पंजाब किंग्स का हिस्सा हैं।
दो लाख रुपये लेकर पहुंच गया था खिलाड़ी
सीएम मान ने कहा कि उन्हें खिलाड़ी ने बताया कि वह पिछली कांग्रेस सरकार में तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास नौकरी लेने गया। कैप्टन ने कहा कि उसका काम हो जाएगा लेकिन उसी बीच कांग्रेस ने कैप्टन को हटा दिया और चन्नी मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद जब यह खिलाड़ी चन्नी से मिला तो चन्नी ने उसे अपने भतीजे से मिलने को कहा। जब यह खिलाड़ी चन्नी के भतीजे से मिला तो उसने कहा कि दो लगेगा। खिलाड़ी ने सोचा कि शायद दो लाख रुपये कह रहे हैं, इसलिए वह अपने पिता के साथ दो लाख रुपये लेकर पहुंच गया तो चन्नी के भतीजे ने गाली दी और कहा कि दो का मतलब दो करोड़ रुपये होता है।
चन्नी का जवाब- नौकरी के बदले मेरी बदनामी का सौदा
भगवंत मान के आरोप के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी बुधवार को अपने भतीजे जशन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उनके आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को नौकरी के बदले मेरी बदनामी का सौदा किया गया है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस भवन में मीडिया के सामने कहा कि मेरे परिवार को बदनाम करके मुझे मानसिक तौर पर टॉर्चर किया जा रहा है। पहले भी बहुत से आरोप लगाए गए लेकिन समय सब साफ कर देगा।
भगवंत मान पहले उनके भांजे के बारे में बोल रहे थे, अब भतीजे के पीछे पड़ गए हैं। मैंने कभी किसी से नहीं कहा कि आप मेरे भांजे या भतीजे से मिलो। मेरे भतीजे का सारा परिवार डॉक्टर है और खुद मेरा भतीजा भी डॉक्टर है। वह उस समय भी नौकरी कर रहा था। भतीजे की ओर इशारा करते हुए चन्नी ने कहा कि इस पढ़ने-लिखने वाले लड़के समेत अब मान सरकार ने मेरे परिवार को भी बदनाम करना शुरू कर दिया है। बड़ा फरेब किया जा रहा है। इसके पीछे सिर्फ मुझे बदनाम करने की साजिश है और कुछ भी नहीं।