दुश्मनों और आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा प्रयोग की जाने वाली इंसास रायफल अब और घातक बन गई है, क्योंकि इसमें एक बड़ा बदलाव किया गया है। इंसास से जवान अब फायरिंग करने के साथ-साथ ग्रेनेड भी दाग सकेंगे। इसके लिए इंसास को खास ढंग से अपग्रेड किया गया है।
इसलिए सेना अब घाटी में अधिकतर जवानों को तेजी से इंसास विद अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर (यूबीजीएल) से लैस कर रही है। भारतीय सेना में जवानों के पास अभी तक मौजूदा राइफल्स में एके-47 और इंसास शामिल है, जो अधिकतर जवानों द्वारा इस्तेमाल की जा रही है।
घाटी में जवानों को इंसास विद यूबीजीएल से इसलिए लैस किया गया है, क्योंकि वहां आतंकी हमलों और मुठभेड़ की आशंका लगातार बनी रहती है। यह अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर जवानों के पास अलग से मौजूद रहेगा और फील्ड में तैनात जवान स्थिति को देखते हुए आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान इसका प्रयोग कर सकेंगे। इंसास के साथ इसका इस्तेमाल कैसे करना है, उसकी ट्रेनिंग भी घाटी में तैनात जवानों को लगातार दी जा रही है।