चंडीगढ़। मौजूदा समय में तापमान में लगातार उतार चढ़ाव आ रहा है। मौसम के मिजाज में आ रहे इस तरह के बदलाव से शरीर को बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील बना दिया है। इससे मौसमी सर्दी और फ्लू की समस्या का खतरा बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में विशेषज्ञ उन्हें खानपान के साथ ही रहन-सहन में बेहद सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जीएमएसएच-16 की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सद्भावना का कहना है कि इस समय बच्चों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है क्योंकि मौसम के साथ ही तापमान में आए बदलाव के कारण उन पर तेजी से असर दिखाई देने लगता है। ऐसे में उनके खानपान में पौष्टिक आहार को प्रधानता दें। उन्हें बाहर की खाद्य सामग्री खाने को ना दें। साफ सफाई में भी एहतियात बरतें। जन्म से छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का दूध दें। उससे बड़े उम्र वालों को दूध के साथ अन्य पोषक तत्व अवश्य दें।
त्वचा का रखें खास ख्याल
इस मौसम में एलर्जी और त्वचा संबंधी दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा का कहना है कि अगर पहले से ही स्किन संबंधी कोई समस्या है तो इस मौसम में भीगने से बचें। अगर घर से बाहर हैं और बारिश में भीग गए हैं तो घर पहुंचते ही साफ पानी से नहाएं। शरीर को सूखा रखने का प्रयास करें। ज्यादा टाइट कपड़े ना पहने। अगर कपड़ों में नमी रह जाती है तो उसे प्रेस कर अच्छी तरह सुखाने के बाद ही पहनें।
इम्यूनिटी को बढ़ाने वाला भोजन करें
जीएमएसएच-16 की आहार विशेषज्ञ मनीषा अरोड़ा का कहना है कि इस समय अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हो। इस मौसम में ब्रोकली, गाजर, हल्दी, लहसुन और अदरक को अपने खाने में शामिल करें। ये स्किन के साथ-साथ बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। अदरक और लहसुन में एंटी बैक्टीरियल तत्व पाया जाता है जो सांस, त्वचा और सर्दी-जुकाम की समस्या को दूर करता है।
इनसेट
बाहर का खाना ना खाएं
मनीषा का कहना है कि इस समय बाहर का खाना बिल्कुल भी ना खाएं। इसके अलावा देर तक काट कर रखे गए फल और सब्जियां भी ना खाएं क्योंकि इसमें बैक्टीरिया का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। कच्चे या अधपके खाने से भी बचें। मानसून के दौरान जंक फूड बिल्कुल न खाएं क्योंकि इससे बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है।